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एम्स में बच्ची की हालत स्थिर, दुआओं का दौर शुरू

Fri, 19 Apr 2013 10:34 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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दिल्ली के गांधी नगर इलाके में देश की एक और बेटी के साथ हुई दरिंदगी ने फिर 16 दिसंबर की यादें ताजा कर दी।
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पांच साल की मासूम के साथ हुई हैवानियत के बाद से उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

दुआओं का दौर शुरू हो गया है। दुष्कर्म पीड़िता को दयानंद अस्पताल से शुक्रवार शाम करीब साढे़ छह बजे एम्स में भर्ती कराया गया।

एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि बच्ची की हालत स्थिर है। देर रात तक उसके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी, उसके बाद आगे के इलाज पर फैसला लिया जाएगा।

स्वामी दयानंद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएन बंसल का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे मासूम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

हो चुका है एक ऑपरेशन
मासूम को 17 अप्रैल को पूर्वी दिल्ली के स्वामी दयानंद अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया था। उसके इलाज में गॉयनोकोलॉजी और सर्जरी के डॉक्टर लगे थे।
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शुरुआती जांच के बाद बच्ची का एक ऑपरेशन किया गया, जिसमें प्लास्टिक की शीशी और मोमबत्ती का टुकड़ा निकाला गया था।

शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही शाहदरा स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने पुलिस और दिल्ली सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मांगी सलामती की दुआ
एम्स मेट्रो स्टेशन के बाहर सैकड़ों लोगों के साथ जेएनयू के छात्रों ने मोमबत्ती जलाकर बच्ची की सलामती के लिए दुआ मांगी।

छात्रों ने मेट्रो स्टेशन गेट से लेकर एम्स गेट तक शांतिपूर्वक कैंडल मार्च भी निकाला। जेएनयू की छात्रा कविता कृष्णन ने कहा कि 16 दिसंबर की घटना के बाद भी दिल्ली पुलिस नहीं जागी है।

पहले तो पुलिस ने लापरवाही की और उसके बाद परिजनों को दो हजार रुपये देकर चुपचाप रहने को कहा। यह बेहद शर्मनाक है।

दिल्ली में पिछले 24 घंटे में चार दुष्कर्म के केस दर्ज हो चुके हैं, जोकि हमारी व्यवस्था की कमजोरी की ओर इशारा करते हैं।

पुलिस का रवैया अस्पताल में भी परिजनों के साथ बेहद बुरा था, इसके खिलाफ हम शनिवार को सुबह पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री के साथ बदसलूकी
इससे पहले दोपहर के समय मासूम का हाल जानने पहुंचे दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. एके वालिया के साथ भीड़ ने बदसलूकी कर दी।

बड़ी मुश्किल से पुलिस उत्तेजित भीड़ से स्वास्थ्य मंत्री को बचाकर बाहर ले जा सकी। फिलहाल बच्ची की हालत को देखते हुए उसे एम्स में शिफ्ट कर दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी किराएदार अभी भी पूर्वी जिला पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में दिल्ली पुलिस की कई टीमें बिहार समेत कई अन्य स्थानों पर रवाना कर दी गई हैं।

पुलिस के बर्ताव से लोग नाराज
सुबह 10 बजे से ही स्वामी दयानंद अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा गई। पीड़ित परिवार के साथ हुए पुलिस के बर्ताव से लोग खासे नाराज थे।

लोगों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज करने में आनाकानी की। अस्पताल में बच्ची का हालचाल लेने दोपहर के समय पूर्वी दिल्ली सांसद संदीप दीक्षित भी पहुंचे।

वहीं दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री किरण वालिया को भी भीड़ की नाराजगी का सामना करना पड़ा। अस्पताल के बाहर भीड़ ने उनकी कार को घेर लिया और उन्हें कार से नीचे नहीं उतरने दिया। उन्हें बैरंग ही वापस लौटना पड़ा।
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मामले को रफा-दफा करने का प्रयास
घटना के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगे। गांधी नगर थाना पुलिस ने दुष्कर्म की घटना के बाद दो हजार रुपये लेकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया।

वहीं घटना के बाद स्वामी दयानंद अस्पताल में एक युवती ने जब स्वास्थ्य मंत्री से बात करने का प्रयास किया तो खजूरीखास के एसीपी बेनी सिंह अहलावत एक युवती के कान पर जोर थप्पड़ जड़ दिया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने एसीपी बेनी सिंह अहलावत को निलंबित कर दिया।

वहीं आयुक्त ने रुपये देकर मामला रफा-दफा करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
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