भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली की कॉल डिटेल्स मांगने के आरोप में दिल्ली पुलिस के एक सिपाही को गिरफ्तार किया गया है। नई दिल्ली के स्पेशल स्टाफ में तैनात सिपाही अरविंद डबास के खिलाफ आईटी एक्ट-66 और जालसाजी (420) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अरविंद ने जेटली की कॉल डिटेल मंगाने के लिए नई दिल्ली जिले के ऑपरेशन सेल एसीपी भूप सिंह की सरकारी आईडी से मेल भेजा था। मोबाइल फोन वीआईपी व्यक्ति का होने से टेलीकॉम कंपनी के अधिकारियों को संदेह हुआ तो मामला खुला।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में देहरादून के एक भाजपा नेता का नाम भी आ रहा है। अरविंद पुश्तैनी जमीन बेचकर देहरादून में जमीन खरीदना चाहता था। उसने नेता को करीब एक करोड़ दिए थे। काफी समय गुजरने के बाद न तो उसे जमीन पर कब्जा मिला और न ही उसे पैसे वापस मिले। ऐसे में नोएडा के एक व्यक्ति ने उससे दस लाख रुपये लेकर जेटली से देहरादून के नेता को फोन करवाने की बात कही थी।
इस मामले में ही उसने कॉल डिटेल मंगवाने का प्रयास किया था। अरविंद डेढ़ साल से अनुपस्थित चल रहा था। इसके बाद उसे नई दिल्ली जिले की लाइन में भेज दिया गया था। स्पेशल सेल ने सिपाही के लैपटॉप बरामद कर लिया और ये पता लगाया जा रहा है कि सिपाही ने कॉल डिटेल क्यों मंगाई थी।
राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली की कॉल डिटेल पोंटी हत्याकांड मामले में भी मंगवाई गई थी। उस समय दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ ने कॉल डिटेल मंगवाई थी। पोंटी या उसके किसी करीबी के मोबाइल से जेटली का नंबर मिला था। पुलिस का कहना है कि उन्हें पता नहीं था कि मोबाइल नंबर जेटली का है।