भाजपा ने दिल्ली गैंगरेप पीड़ित युवती के दोस्त का इंटरव्यू प्रसारित करने वाले न्यूज चैनल के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है। मुख्य विपक्षी पार्टी ने पुलिस कार्रवाई को लोगों की आवाज को कुचलने का प्रयास और प्रेस की आजादी पर हमला बताया है।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर लिखा है कि चैनल के खिलाफ मामला दर्ज कर दिल्ली पुलिस लोगों की आवाज को बंद नहीं कर सकती है। लोगों को सच्चाई जानने का हक है। पार्टी के एक कार्यक्रम में भाजपा के महासचिव रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पुलिस का ऐसा आचरण अस्वीकार्य है। यह प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है।
उन्होंने गैंगरेप पीड़ित युवती और उसके दोस्त को अस्पताल पहुंचाने में बेवजह की देरी करने के लिए पुलिस की तीखी निंदा की। प्रसाद ने कहा कि खौफनाक वारदात के बाद दोनों अर्ध नग्न अवस्था में सड़क पर पड़े हुए थे और तीन पीसीआर वाहनों के पुलिसकर्मी 25 मिनट तक आपस में इलाके और कौन पीड़ितों को अस्पताल ले जाएगा को लेकर ही उलझे रहे।
भाजपा महिला मोर्चा की स्मृति ईरानी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को हटाने की मांग की। भाजपा के निलंबित सदस्य और राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी ने पुलिस की चुक की जांच नहीं कराने और जवाबदेही तय नहीं करने के लिए दिल्ली पुलिस प्रमुख नीरज कुमार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमें पता होना चाहिए था कि यह हुआ है।
पुलिस कमिश्नर वहां पर क्या कर रहे थे। वह प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करा रहे थे जबकि जो काम उन्हें करना चाहिए था, वह उन्होंने किया ही नहीं। कौन सा पुलिस इंस्पेक्टर या सब इंस्पेक्टर इसके लिए जवाबदेह है? दिल्ली पुलिस का प्रमुख होने के नाते उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए।