दिल्ली-एनसीआर के 4500 लोगों को ठगने वाला राजू महज सातवीं पास था। पुलिस ने फेसबुक अकाउंट से उसकी फोटो निकाली और ढूंढ निकाला।
आरोपी के पास से तीन लैपटॉप, दो मोबाइल और एक सफेद रंग की कार बरामद हुई है। पुलिस राजू के लैपटॉप से मिले 30 हजार लोगों के क्रेडिट कार्ड के डाटा को आईसीआईसीआई बैंक से वेरीफाई कर रही है। अमर उजाला ने 11 जुलाई को ठगी के इस मामले का खुलासा किया था।
पुलिस से बचने के लिए राजू दो या तीन माह में ठिकाना बदल लिया करता था। फिलहाल वह पुलिस रिमांड पर है। उस पर हत्या का एक मामला पहले से चल रहा है।
नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त एसबीएस त्यागी ने बताया कि जांच के लिए कनाट प्लेस थाने से एसआई लव अत्रेय की टीम को मुंबई भेजा गया था। पता चला कि ठगी करने वाले शख्स ने अंबरनाथ में बिजली के बिल और मोबाइल बिल जमा किए हैं।
यह भी पता चला कि आरोपी सफेद रंग की कार में आता है। जिस नंबर से आरोपी ट्रांजेक्शन करता था उससे भी आरोपी की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी।
दो माह की छानबीन के बाद पता चला नाम
करीब दो माह की छानबीन के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी का नाम राजू है और वह अंबरनाथ से पलघर इलाके में शिफ्ट हो गया है।
राजू के जानने वाले एक शख्स ने फेसबुक पर राजू नायक के नाम से बने अकाउंट कीफोटो पहचान ली। अब पुलिस को जाकिर और उसकी गर्लफ्रेंड की तलाश है। दोनों मुंबई स्थित आईसीआईसीआई बैंक के मुख्यालय में काम करते थे।