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नए CM ने कही 6 बातें, जो आपके लिए हैं जरूरी!

Sat, 28 Dec 2013 03:34 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाल, दिल्ली
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अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली का नया मुख्यमंत्री बनते ही जनता को संबोधित किया, तो अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। उन्होंने शपथ ग्रहण करने के बाद अलग-अलग मुद्दों पर अपनी बात रखी और रामलीला मैदान में मौजूद जनसैलाब उन्हें गौर से सुनता रहा।
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केजरीवाल ने एक तरफ अपने भाषण पर भ्रष्टाचार पर करारा हमला बोला, तो दूसरी ओर अपने मंत्रियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को घमंड से बचने की सलाह दी।

दिल्ली के नए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छह अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी, जो आने वाले वक्त में दिल्ली और देश की राजनीति को नई दिशा दे सकती है। आइए जानें केजरीवाल क्या-क्या बोलेः

भ्रष्टाचारः 'जादुई' नंबर देंगे केजरीवाल

भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी इसी मुद्दे को सबसे बड़ा बनाए रखना चाहती है। यही वजह है कि जब-जब केजरीवाल अपनी बात रखते हैं, तो भ्रष्टाचार का जिक्र जरूर करते हैं। सीएम बनने के बाद भी उन्होंने ऐसा ही किया।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोई रिश्वत मांगे तो मना मत करना। उससे सेटिंग कर लेना। हम एक फोन नंबर देंगे। उस पर फोन करके इस बात की जानकारी दे देना। उसे पकड़वा देना। और आपका काम मैं करवाऊंगा। बीते दो साल से देश में कुछ अद्भुत हो रहा है। अन्नाजी अनशन पर बैठे, तो जनता सड़कों पर उतर आई। यह भगवान का चमत्कार है।

उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आने वाले पांच साल में यह देश एक बार फिर सोने की चिड़िया कहलाएगा। हम सभी को मिलकर दिल्ली को बदलना है। हमें कसम खानी है कि हम कभी रिश्वत नहीं लेंगे और न देंगे।"

विश्वास मतः 'मुझे नहीं, दूसरों को फिक्र है'

अर‌विंद को पता है कि केवल 28 विधायकों के साथ सरकार चलाना कितना मुश्किल है। ऐसे में उन्होंने इस मुद्दे पर भी अपनी राय साफ कर दी। केजरीवाल ने कहा कि एक हफ्ते के बाद विश्वास प्रस्ताव आएगा। लेकिन वह फिक्रमंद नहीं हैं।

उन्होंने कहा‌ कि कुछ लोग कह रहे हैं कि प्रस्ताव पास हो जाएगा, कोई कह रहा है कि गिर जाएगा। यह बहुत छोटी बात है। हम जनता की सेवा में लगे रहेंगे। दोबारा चुनाव हुए तो जनता आप को बहुमत देगी। हम सत्ता के लिए नहीं आए, पैसे के लिए नहीं आए। हमें चिंता नहीं है। हां, दूसरे राजनीतिक दलों में चिंता जरूर है।

दिल्ली के नए मुख्यमंत्री ने कहा, "सच्चाई का रास्ता कांटों भरा है। विरोधी दिक्कतें पैदा करेंगे, लेकिन हमें सभी का सामना करना है। जनता की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं। कभी-कभी तो डर भी लगता है। मैं ईश्वर से कामना करता हूं कि हमें इस लायक बनाए कि हमसे कोई गलती न हो।"

नई राजनीतिः AAP को सेवा करनी है, घमंड नहीं

केजरीवाल इस बात की कोशिश भी कर रहे हैं कि दिल्ली की जीत उनकी पार्टी और कार्यकर्ताओं के सिर पर न चढ़ जाए। यही वजह है कि वह बार-बार याद दिलाते हैं कि ‌हमें जीत को आखिर मानकर बैठना नहीं है, बल्कि यह सफर काफी लंबा है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मैं अपने साथियों से आग्रह करता हूं ‌कि हमें मन में कभी घमंड नहीं करना है। आम आदमी पार्टी का जन्म दूसरे राजनीतिक दलों का घमंड तोड़ने के लिए हुआ है, कहीं ऐसा न हो कि आम आदमी पार्टी का घमंड तोड़ने के लिए किसी दूसरी पार्टी को जन्म लेना पड़े। कार्यकर्ताओं से भी यही आग्रह कि जब वे अपने इलाकों में जाएंगे, तो घमंड नहीं करना है। सेवाभाव रखना है, क्योंकि हमें जनता की सेवा करनी है।"

केजरीवाल ने कहा, "लोगों की शिकायत है कि सरकार के अधिकारी भ्रष्ट हैं। लेकिन मैं अब तक जितने भी अधिकारियों से मिला हूं उनमें कई के मन में देश और समाज के लिए काम करने का जज्बा है। यदि आम लोग और अधिकारी मिलकर काम करें तो मुल्क से भ्रष्टाचार को मिटाया जा सकता है।"

दिल्ली दूर नहीं: जनता का शुक्रिया

केजरीवाल ने कहा कि लोग निराश हो चुके थे, लेकिन दिल्ली की जनता ने दिखा दिया कि ईमानदारी से चुनाव लड़ा जा सकता है और ईमानदारी से चुनाव जीता जा सकता है। यह जीत कुदरती करिश्मा लगता है। केजरीवाल ने कहा, "मुझे कोई गुमान नहीं है कि हमारे पास सारी दिक्कतों का समाधान नहीं है।"

उन्होंने कहा, "हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। आज सरकार बनेगी और कल सभी समाधान मिल जाएंगे, ऐसा नहीं है। लेकिन यह विश्वास है कि दिल्ली की डेढ़ करोड़ आबादी अगर एक हो गई, तो हर समस्या का हल मिल जाएगा। डेढ़ करोड़ लोग मिलकर सरकार बनाएंगे और वही सरकार चलाएंगे।"

केजरीवाल ने कहा ‌कि आज बड़ा खास दिन है और बदलाव की शुरुआत हो रही है। लेकिन यह शुरुआत भर है और हमें लंबा सफर तय करना है।
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अन्नाः 'दिल में बसे हैं, बसे रहेंगे'

इसी रामलीला मैदान पर डेढ़ साल पहले बुजुर्ग समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपना अनशन कर केजरीवाल को इतना बड़ा कद दिया और केजरीवाल आज अन्ना हजारे का जिक्र करना नहीं भूले।

दिल्‍ली के नए सीएम ने कहा, "अन्ना ने 13 दिन यहीं अनशन किया था। लेकिन यह साफ हो गया कि जब तक राजनीति नहीं बदलेगी, देश में सुधार नहीं होगा। अन्ना समझाया करते थे कि राजनीति गंदी कीचड़ है और मैं कहा करता था कि राजनी‌ति में उतरकर सफाई करनी होगी।"

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और छह लोगों ने मंत्रियों की शपथ नहीं ली है, बल्कि दिल्ली की जनता, दिल्ली के हर आम आदमी ने मुख्यमंत्री और मंत्री पद की शपथ ली है।
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