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दिल्ली में दरिंदगी पर किसने क्या कहा

Sun, 21 Apr 2013 02:06 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क/ब्यूरो
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दिल्ली में पांच साल की लड़की के साथ बलात्कार की घटना पर लोगों में जबरदस्त गुस्से की लहर है।
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सभी एक सुर से इस घटना को शर्मनाक बता रहे हैं।

जानिए घटना पर किसने क्या कहा।

हमें अपनी अंतरात्मा में झांकना होगा: प्रणब
मुझे इस खबर से सदमा लगा और गहरा दुख पहुंचा है। मैं बच्ची के स्वस्थ होने की कामना करते हुए उसके परिवार के साथ खड़ा हूं।

बच्ची का अच्छे से अच्छा इलाज होना चाहिए। समय आ गया है कि एक समाज के रूप में हम अपने नैतिक मूल्यों के पतन को देखते हुए अपनी अंतरात्मा में झांकें।

विचार करें कि महिलाओं और बच्चों को हम क्यों सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं। हमें उन कारणों को खोजना होगा और सोच में दर्ज बुराई को खत्म करना होगा।

बातें नहीं, अब सख्त कदम उठाने होंगे: सोनिया
ऐसी घटना पर अब बातें करने से कुछ नहीं होगा। सरकार और अधिकारियों को सख्त से सख्त कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं कभी न हों।

लोगों को भी ऐसी घटनाओं के प्रति जागरूक बनाने की जरूरत है। ये घटनाएं तभी रुकेंगी जब देश का हरेक नागरिक चेतेगा। पूरे समाज के जागरण की जरूरत है।

दोषी पुलिसवालों पर होगी कार्रवाई: शिंदे
हम जांच कर रहे हैं कि पुलिस के स्तर इस घटना में कहां कमियां रह गईं। उन पुलिसवालों का पता लगाया जा रहा है जिन्होंने बच्ची के पिता को पैसे देकर यह केस रफादफा करने का प्रस्ताव दिया।

हम दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हमने जांच बैठा दी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हम सबको चौकन्ना रहने की जरूरत है।

आरोपी को फांसी हो: सुषमा स्वराज
बच्चों से रेप और ऐसे मामलों में नृशंसता के हर केस में फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए।

मैं एम्स में बच्ची को देख कर आई हूं और मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को बचाने के लिए ऐसे अपराधियों को फांसी पर चढ़ा देना चाहिए।

ऐसे ‘बिगडैल और परपीड़क-कामुक’ लोगों को शॉक ट्रीटमेंट देने की भी जरूरत है। हमें अपने कानून को और सख्त बनाना होगा।

पुरुष बदलें मानसिकता: मनीष तिवारी
दिल्ली में पांच साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना दुखद है।

सरकार की ओर से महिलाओं के विरुद्ध अपराध को रोकने के लिए कानून को सख्त तो कर दिया गया है, लेकिन अभी पुलिस में सुधारों की आवश्यकता है।

यह काम केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर ही करना होगा। इन सबसे जरूरी है कि पुरुष समाज अपनी मानसिकता को बदलें।

कड़ी से कड़ी सजा मिले: स्मृति ईरानी
बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए। देश की जनता प्रधानमंत्री से मांग करे कि ऐसे आरोपियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान करते हुए उन्हें फांसी की सजा दी जाए।
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ऐसे मामलों के निबटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाना चाहिए ताकि पीड़िता को त्वरित न्याय मिल सके। अब तक बिटिया के आरोपियों को सजा नहीं मिल सकी है। एंटी रेप बिल पास होने से भी घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पाया है।

पुलिस फोर्स है या गुंडा फोर्स: वृंदा करात
पुलिस ने रेप का विरोध करने वाले को थप्पड़ मारकर अपमानित किया। यह पुलिस फोर्स है या गुंडा फोर्स।

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