दिल्ली हाईकोर्ट ने विधानसभा चुनाव के दौरान हुए झगड़े, मारपीट, जान से मारने की धमकियां देने व महिला से अभद्र व्यवहार के मामले में भाजपा के विधायक डॉ. हर्षवर्धन और कांग्रेस के पूर्व विधायक नसीब सिंह सहित 10 लोगों पर एक लाख रुपये जुर्माना किया है।
अदालत ने उन्हें यह राशि जुवेनाइल जस्टिस कमेटी और दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सेल में जमा करवाने का निर्देश दिया है।
सितंबर का है मामला
न्यायमूर्ति इंद्रमीत कौर व वीपी वैश ने अपने फैसले में कहा आरोपियों व शिकायतकर्ता ने आपस में समझौता कर लिया है। दोनों पक्ष एक ही क्षेत्र के रहने वाले हैं और वे अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते।
अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों के आपसी संबंध मधुर रहें, इस कारण वे दोनों प्राथमिकी रद्द करते हैं। मामला 5 सिंतबर 2013 को एक चैनल द्वारा इंद्रप्रस्थ एक्स. में आयोजित चुनावी बहस के दौरान हुए झगड़े का है।
शीला दीक्षित ने विजेंद्र गुप्ता को दिया जुर्माना
दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने वाली पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित फिर अदालत में पेश नहीं हुईं।
अदालत के निर्देश पर उनके वकील ने पेश न होने पर पूर्व से किए 5000 रुपये जुर्माने की राशि विजेंद्र गुप्ता को सौंप दी। गुप्ता ने इस राशि से कंबल खरीद कर गरीबों में बांट दिए।
विजेंद्र ने शीला को कहा था धोखबाज
मुख्यमंत्री रहते शीला दीक्षित ने याचिका में आरोप लगाया था कि विजेंद्र गुप्ता ने समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में उन्हें विलेन और धोखेबाज कहा। इस मामले में अधिकांश सुनवाई में शीला दीक्षित पेश नहीं हुई थी। 28 अक्तूबर को अदालत ने उन पर जुर्माना लगाया था। शीला दीक्षित के वकील ने कहा कि व्यक्तिगत कारणों से वे पेश नहीं हो सकतीं, इसलिए उन्हें छूट दी जाए।
वहीं विजेन्द्र गुप्ता ने इस तर्क पर आपत्ति जताते हुए कहा वे जानबूझ कर हर पेशी में कोई न कोई बहाना लगा देती हैं। इसके अलावा पहले से किए जुर्माने की राशि का भी भुगतान नहीं किया।
दीक्षित के अधिवक्ता ने तुंरत पांच हजार रुपये गुप्ता को सौंप दिए। अदालत ने अब सुनवाई 2 जुलाई तय कर दी।