दिल्ली उच्च न्यायालय ने सचिन तेंदुलकर को राज्यसभा सदस्य मनोनीत किए जाने के खिलाफ दायर की गई याचिका को बुधवार को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश डी मुरूगेसन और न्यायाधीश राजीव सहल एंडला की खंडपीठ ने पूर्व विधायक राम गोपाल सिंह सिसोदिया की याचिका पर यह फैसला किया।
पूर्व विधायक ने सचिन की राज्यसभा सदस्यता खत्म किए जाने के संदर्भ में कहा था कि संविधान के अनुसार राज्यसभा में उनका मनोनय नहीं किया जा सकता है। इस पर केंद्र सरकार ने न्यायालय को बताया था कि संविधान के अनुरूप ही एक क्रिकेटर को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है।
गौरतलब है कि यूपीए सरकार ने सचिन समेत अभिनेत्री रेखा और कारोबारी अनु आगा को 26 अप्रैल को राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया था।