नजीब जंग और दिल्ली कैबिनेट के बीच छिड़ी जंग में सुप्रीम कोर्ट के नामी वकीलों की राय से आम आदमी पार्टी सरकार को संजीवनी मिली है।
पूर्व महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता इंदिरा जयसिंह, सुप्रीम कोर्ट के नामी वकील राजीव धवन के बाद अब अरविंद पी दातर ने भी एलजी के मुख्य सचिव के नियुक्ति वाले फैसले को गलत करार दिया है।
सभी कानूनी राय की प्रति राष्ट्रपति भवन को भेजी गई हैं। दिल्ली सरकार ने तीन सवालों पर कानून विशेषज्ञों की राय मांगी थी। उसमें क्या उपराज्यपाल के पास मुख्यमंत्री व कैबिनेट को बाईपास करके सीधे सचिवों को आदेश देने का अधिकार है? क्या उपराज्यपाल को मुख्य सचिव नियुक्ति का अधिकार है? क्या मुख्यमंत्री का मुख्य सचिव की नियुक्ति में रोल है?
इस पर राजीव धवन व इंदिरा जयसिंह ने बिना कैबिनेट की राय के उपराज्यपाल की तरफ से नियुक्ति को अधिकार क्षेत्र का हनन बताया है।