चलती बस में गैंगरेप के मामले में मंगलवार को बिटिया के दोस्त के बयान अदालत में दर्ज किए गए। इस युवक के पिता ने पत्रकारों को बताया कि उनके बेटे ने अदालत परिसर में मौजूद यादव ट्रैवल्स की उस बस की पहचान भी की, जिसमें गैंगरेप हुआ था।
साकेत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश योगेश खन्ना के समक्ष युवती का दोस्त पहले गवाह के रूप में व्हीलचेयर पर बैठकर पेश हुआ। गैंगरेप की घटना के समय अभियुक्तों ने लोहे की रॉड से हमला कर उसे भी बुरी तरह से घायल कर दिया था।
अदालत में युवक ने 16 दिसंबर को हुई घटना की पूरी जानकारी दी। युवक के पिता ने बताया कि उनके पुत्र ने बचाव पक्ष के वकीलों के सवालों के जवाब भी दिए और उसने बस की पहचान कर ली है। युवक ने अभियुक्तों द्वारा उनसे लूटे गए एटीएम कार्ड, उसका आई कार्ड, अंगूठियां, जूते, मोबाइल फोन, घड़ी आदि की भी पहचान की।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने मामले में पूरक आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया है, जिसमें युवती की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट भी शामिल है। मालूम हो कि युवती की मौत सिंगापुर के अस्पताल में हुई थी और वहीं उसका पोस्ट मार्टम किया गया था।
‘बेटी को नाम से पुकारो’
‘मेरी बेटी को गैंगरेप पीड़ित मत कहो। इससे मुझे बहुत ही दुख होता है। वह असाधारण लड़की थी। इसलिए उसे उसके नाम से पुकारा जाए।’ यह बात गैंगरेप का शिकार हुई युवती के पिता ने कही। पिता अपने बेटे के साथ मंगलवार को नगर निगम के मुख्यालय सिविक सेंटर आए थे।
संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को न तो गैंगरेप पीड़िता कहकर पुकारा जाए और न ही उनकी पहचान छिपाई जाए। उनकी बेटी बहादुर थी और उसने घटना के समय साहस का परिचय देकर दुनिया को जगा दिया। उनकी बेटी में गजब की शक्ति थी, ऐसी ताकत बहुत ही कम लोगों में होती है।
बिटिया के नाम पर साइंस म्यूजियम
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने अपने साइंस म्यूजियम का नाम गैंगरेप का शिकार हुई बहादुर बेटी के नाम पर रखने की घोषणा की है। भविष्य में अन्य दोनों नगर निगम भी अपनी विभिन्न योजनाओं को उसके नाम से जोड़ेंगे। सिविक सेंटर में संवाददाता सम्मेलन में मेयर सविता गुप्ता, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि नगर निगम उसकी बहादुरी को सलाम करता है।