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इंसाफ मिला, दामिनी के चारों दरिंदों को सजा-ए-मौत

Sat, 14 Sep 2013 11:57 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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दिल्ली में 16 दिसंबर की रात जो दरिंदगी दिखाई गई, अदालत ने आज उस पर अपना फैसला सुनाकर इंसाफ दे दिया। दामिनी के चार दरिंदों को सजा-ए-मौत सुनाई गई है।
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मंगलवार को सभी दोषियों को 11 धाराओं के तहत दोषी पाया गया था। और बुधवार को जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर फैसला शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रखा था।

करीब दस महीने पहले दिल्ली की एक सर्द रात में छह दरिंदों ने बेसहारा युवती के साथ जो किया, उसके सामने हैवानियत, दरिंदगी, वहशियाना जैसे लफ्ज भी बौने पड़ गए। लेकिन 11 सितंबर के ऐतिहासिक दिन दामिनी को आखिरकार न्याय मिला।
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यह मंगलवार को ही तय हो गया था कि इन चारों दोषियों को फांसी होगी या फिर आजीवन कारावास। और आज न्याय हो गया। पहले उम्मीद की जा रही थी कि बुधवार को ही फैसला आ जाएगा, लेकिन अदालत ने इंतजार दो दिन और बढ़ा दिया।

बुधवार को हुई बहस के दौरान सरकारी वकील ने चारों दोषियों के लिए सजा-ए-मौत की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष के वकील ने दलील देते हुए कहा था कि उन्हें सुधरने के लिए एक मौका दिया जाना चाहिए।

इस घटना की वजह से देश भर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे और महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध जैसी गंभीर समस्या को उठाया गया।

सरकार भी बलात्कार के मामलों में ज्यादा सख्त कानून लाने पर मजबूर हुई।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने खचाखच भरी अदालत में मंगलवार को कहा था कि अभियोजन पक्ष ने जो गवाह और सबूत सामने रखे, उसके बाद इस बात में कोई संदेह नहीं बचा कि मुकेश, विनय कुमार, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता 16 दिसंबर को बस में 23 वर्षीय युवती से ज्यादती की और उस पर हमला किया।
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अदालत का कहना था कि पीड़िता के बयान, अभियोजन पक्ष की ओर से पेश 85 गवाह, डीएनए, फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से यह साफ होता है कि आरोपी, दोषी हैं।

अभियोजन पक्ष ने सभी दोषियों के लिए सजा-ए-मौत की मांगी, क्योंकि उनके हिसाब से यह अपराध 'रेयरस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में आता है।

देश में अदालतें केवल 'रेयरस्ट ऑफ रेयर' मामलों में फांसी की सजा देती हैं।

दोनों के साथ की थी हैवानियत
पीड़िता ने मरते वक्त बयान दिया था कि आरोपी ने बलात्कार के दौरान उसके शरीर में लोहे की छड़ घुसाई, आंतरिक अंग निकाले, उसे मारा और काटा।

एक नाबालिग आरोपी को पहले ही तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया था, जबकि पांचवां बालिग आरोपी और बस का ड्राइवर राम सिंह तिहाड़ में मर गया था।

पीड़िता और उसका दोस्त दक्षिणी दिल्ली के एक मॉल में फिल्म देखने के बाद घर लौट रहे थे, जब एक बस में चढ़े। बस में छह लोगों ने उनके साथ 45 मिनट तक ज्यादती की।
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