बलात्कार की घटनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्तमस कबीर ने कहा कि ऐसे अपराध न केवल एक महिला के शरीर बल्कि आत्मा पर हमला है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए साकेत कोर्ट में पहली फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्घाटन किया।
दिल्ली में युवती के साथ हुई दरिंदगी पर लोगों के गुस्से को जायज ठहराते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों के शीशों से काली फिल्म उतारने का जो आदेश दिया था, अगर उसका कड़ाई से पालन किया जाता तो यह वारदात टल सकती थी।
उन्होंने कहा कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता है, पुलिस की आंखें नहीं खुलती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली गैंगरेप मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की कोशिश होनी चाहिए।