फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली गैंगरेप ने झकझोर दिया: राष्ट्रपति

Fri, 25 Jan 2013 11:47 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
पूरे देश को हिला देने वाली दिल्ली गैंगरेप की घटना ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी झकझोर दिया है। इस बात का जिक्र उन्होंने शुक्रवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में किया। साथ ही राष्ट्रपति ने कहा है विभिन्न आशंकाओं के घिरे युवा वर्ग की समस्याओं का समाधान जरूरी है, क्योंकि आने वाला समय उनका ही है।
विज्ञापन


राष्ट्रपति ने कहा कि पीड़िता उदीयमान भारत की आकांक्षा का प्रतीक थी, जिसे हमने खो दिया। मुखर्जी ने इस घटना को पाशविक करार दिया और कहा कि जब भी किसी महिला के साथ ऐसा व्यवहार होता है तो देश की आत्मा लहूलुहान हो जाती है।

रायसीना हिल्स पहुंचने के बाद मुखर्जी का देश के नाम यह दूसरा और गणतंत्र दिवस के मौके पर पहला संबोधन था। इससे पहले उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित किया था। गैंगरेप की घटना के बाद पूरे देश में फूटे गुस्से का जिक्र करते हुए मुखर्जी ने कहा कि अब समय आ गया जब देश को अपनी नैतिकता तय करनी होगी।
विज्ञापन


साथ ही राष्ट्रपति ने कहा कि यदि आज हमारे युवा क्षुब्ध हैं तो हम भला उन्हें कैसे दोष दे सकते हैं। नियंत्रण रेखा पर सेना के जवान का सिर काटे जाने के वारदात को नृशंस घटना बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि पड़ोसियों से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राज्य से इतर तत्वों के माध्यम से प्रायोजित आतंकवाद पूरे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। राष्ट्रपति ने नक्सली हिंसा को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने दिल्ली गैंगरेप और नियंत्रण रेखा पर भारतीय जवान के सिर काटे जाने की घटनाओं का उल्लेख कर आम लोगों की नब्ज पर हाथ रख दिया। युवा वर्ग का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हम दूसरे पीढ़ीगत बदलाव के  मुहाने पर हैं। गांवों-कस्बों में फैले युवा इस बदलाव के अग्रेता हैं, लेकिन उनके मन में भ्रष्टाचार व विधायिका को लेकर कई शंकाएं हैं। उनकी शंकाओं को दूर करना होगा। युवा खाली पेट सपना नहीं देख सकते।

राष्ट्रपति ने कहा कि हम इस बात पर गर्व कर सकते हैं कि पिछले छह दशकों में हमारी आर्थिक विकास दर तीन गुना से ज्यादा हो गई है, लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि विकास से प्राप्त लाभ पर पिरामिड पर बैठे भाग्यशाली लोगों का ही एकाधिकार न रहे। धन सृजन का उद्देश्य गरीबी, निर्धनता, अल्प आजीविका की बुराई को खत्म करना होना चाहिए।  उन्होंने कहा कि विकास का लाभ निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने की जरूरत है।

हमारी दोस्ती को हल्के में न ले पाक
सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद गंभीर चिंता का विषय है। भारत सीमा पर शांति चाहता है। इसके लिए वह हमेशा दोस्ती का हाथ बढ़ाने के लिए तैयार रहा है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
विज्ञापन


हर एक को मिले विकास का लाभ
हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश के विकास का लाभ सिर्फ चंद लोगों तक ही सीमित न रहे, बल्कि यह सबसे निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति को भी मिले।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें