दिल्ली में युवती के साथ दरिंदगी करने वालों में से एक कथित रूप से नाबालिग आरोपी की हड्डी की जांच अब तक नहीं हो पाई है। दिल्ली पुलिस की ओर से बृहस्पतिवार को इस मामले की दायर चार्जशीट में नाबालिग लड़के पर फिलहाल कोई ठोस दलील नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस को इंतजार है कि नाबालिग न्याय बोर्ड यानि जुविनाइल जस्टिस बोर्ड आरोपी की सही उम्र पता करने के लिए मेडिकल जांच को हरी झंडी दे दे।
नाबालिग आरोपी के उम्र संबंधी सवाल पर दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि बोर्ड ही इस बारे में फैसला करेगी। अधिकारी ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि इस आरोपी की हड्डी की जांच हो चुकी है और रिपोर्ट का इंतजार है।
उन्होंने बताया कि यह पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं है कि वह किसी नाबालिग आरोपी की उम्र पता करने के लिए अपनी पहल पर मेडिकल जांच कराए। इसका फैसला जुविनाइल जस्टिस बोर्ड करता है। उसने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है।
एक उच्च पदस्थ सूत्र के मुताबिक इस नाबालिग लड़के ने अपनी दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया है। प्रशासन इस उधेड़बुन में है कि दसवीं के इस प्रमाण पत्र में दर्ज उम्र को सही माना जाए या इसे पुख्ता करने के लिए हड्डी की जांच कराई जाए। सूत्र ने यह बताने के इनकार कर दिया कि प्रमाण पत्र के लिहाज से आरोपी की उम्र कितनी है।