वसंत विहार के एसडीएम सामूहिक दुष्कर्म की पीड़ित छात्रा के बयान लेने शुक्रवार रात सफदरजंग अस्पताल पहुंचे। उनके साथ एक और एसडीएम तथा पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी थे। सूत्रों ने बताया कि आईसीयू में ही युवती के बयान लिए गए। उसने बोलकर अपने बयान दर्ज कराए। बयान लेने का काम देर रात तक होता रहा।
राष्ट्रपति भवन पहुंची गुस्से की आग
चलती बस में युवती से हुई दरिंदगी को लेकर पूरे देश में दिख रहे जबरदस्त गुस्से की तपिश शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में भी महसूस की गई। बड़ी संख्या में महिलाओं-युवतियों ने रायसीना हिल्स पर जुटकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और गैंगरेप के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की भी मांग की गई।
छात्र-छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया
दिन में राजपथ पर जुटे 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी पहले इंडिया गेट की तरफ मार्च कर रहे थे, लेकिन अचानक वह नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति भवन की तरफ मुड़ गए। पुलिस ने मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कई महिलाएं और छात्राएं इस घेरे को तोड़कर अति सुरक्षा वाले इलाके में पहुंच गईं। सुरक्षाकर्मियों ने मेन गेट बंद कर दिया था, लेकिन एक लड़की अंदर तक पहुंच गई, जिसे बाद में बाहर लाया गया। सफदरजंग अस्पताल के पास भी छात्र-छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया।
फरार दोनों आरोपी भी गिरफ्तार
इस बीच, पुलिस ने फरार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस तरह मामले में अब सभी छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस ने बताया कि एक आरोपी को बृहस्पतिवार रात आनंद विहार बस अड्डे से दबोचा गया। यूपी के बदायूं का रहने वाला यह युवक खुद को नाबालिग बता रहा है।
पुलिस उसके इस दावे की जांच कर रही है। वहीं, छठे आरोपी अक्षय ठाकुर को बिहार के औरंगाबाद से उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस उसे दिल्ली ला रही है। यह दोनों ही आरोपी बस में हेल्पर थे। पुलिस का कहना है कि इन दोनों आरोपियों और ड्राइवर राम सिंह ने ही युवती से दुष्कर्म किया था और मामले में यही तीनों मुख्य आरोपी हैं।
सोनिया गांधी के घर के बाहर 'आप' का प्रदर्शन
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दस जनपथ स्थित आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन वह वहीं डटे रहे। बाद में तीन महिला प्रदर्शनकारियों को सोनिया के आवास में अंदर जाने की अनुमति दी गई।
हालांकि इन महिलाओं से सोनिया तो नहीं मिलीं, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा ने उनसे बात की। दिल्ली के अलावा इस घटना के विरोध में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई शहरों में भी लोग पीड़ित युवती को इंसाफ की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे।