फिजियोथेरेपिस्ट युवती के साथ दरिंदगी के खिलाफ राजपथ से रायसीना हिल्स तक युवाओं के आक्रोश की चिंगारी से बेकाबू हो रहे हालात से केंद्र सरकार को सांप सूंघ गया है। इंडिया गेट पर लाठीचार्ज के बाद भी युवा आंदोलन के अगले दो दिन और अधिक उग्र होने की आशंका भांपते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियों को चौकस कर दिया है।
रविवार को इंडिया गेट पर हिंसक हुए इस आंदोलन की आंच से बेचैन दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी केंद्र को तत्काल कदम उठाने को कहा है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से मिलने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ पहुंचीं शीला दीक्षित ने पुलिस कमिश्नर को लाठीचार्ज की घटना के लिए कठघरे में खड़ा किया।
गैंगरेप पर गुस्से के ज्वार और आंदोलन से निपटने की चुनौतियों पर शिंदे के आवास पर देर शाम हुए इस बैठक में गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, गृह सचिव आरके सिंह के साथ यूपीए सरकार के वरिष्ठ रणनीतिकार मंत्री कमलनाथ भी मौजूद थे। समझा जाता है कि शीला दीक्षित का कहना था कि लाठीचार्ज के खिलाफ आक्रोश को संभालने के लिए चाहे पुलिस कमिश्नर हो या फिर कांस्टेबल इसमें उग्रता दिखाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस आंदोलन के विकराल होते आकार को संभालने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जहां पूरे दिन शिंदे से रिपोर्ट लेते रहे। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों के जत्थे से मुलाकात करने से लेकर सरकार को तमाम जरूरी कदम उठाने का निर्देश देती रहीं। पीड़ित युवती की हालत एक बार फिर नाजुक होने की खबरों और कुछ अनहोनी की आशंका ने भी केंद्र सरकार को बेहद चिंता में डाल दिया है।
केंद्र पर बलात्कार के गुनहगारों को फांसी की सजा का प्रावधान करने की मांग का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की पहले ही मांग कर चुकीं विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने गंभीर होते इस हालात पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर दी है। दरिंदों को फांसी की सजा देने की वकालत में रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती भी शामिल हो गईं, उन्होंने संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।
सूत्रों ने बताया कि इंडिया गेट पर लाठीचार्ज की घटना के बाद अगले दो दिन रायसीना हिल्स पर आंदोलन और मुखर हो सकता है क्योंकि क्रिसमस की छुट्टियों के कारण युवा गुस्से का इजहार करने को हजारों की तादाद में इकट्ठा हो सकते हैं और ऐसे में हालात को संभालना मुश्किल होगा। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने लाठीचार्ज की घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जो घटना हुई बेहद खराब ही नहीं बल्कि कोढ़ में खाज की तरह है। गुस्से का यह उबाल विकराल रूप न ले शायद इसीलिए कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने पुलिस कमिश्नर को हटाने की खुली मांग कर दी।