लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने राजधानी में युवती के साथ हुए दुष्कर्म पर महिला सांसदों की कड़ी नाराजगी देखते हुए संसद में सेंस ऑफ हाउस पारित करते हुए कहा, मैं चाहती हूं कि सरकार महिलाओं के खिलाफ इस तरह के गंभीर अपराध रोकने के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी करे।
देश में कहीं भी महिलाओं के साथ होने वाले अपराध की जांच के लिए वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों की तैनाती की जाए। महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता के लिए देश के सभी राज्यों में पुलिसकर्मियों को गहन प्रशिक्षण दिया जाए।
बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले महिला सांसदों ने देश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध तथा राजधानी में हुई रेप की घटना के विरोध में संसद परिसर में धरना दिया। इस मौके पर एक बार फिर सुषमा स्वराज ने दोषियों को फांसी दिए जाने की मांग की।
भाजपा सांसद यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि चूंकि समाज में कानून का भय नहीं है इसलिए अपराधी महिलाओं के प्रति अपराध करने में नहीं हिचकते हैं। सरकार से हमारी मांग है कि कानून के प्रति अपराधियों में डर पैदा करने के लिए कड़े उपाय किए जाने चाहिए।
लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने पर विभिन्न दलों की महिला सांसदों ने एक साथ खड़े होकर राजधानी में हुई युवती के साथ रेप की घटना पर सरकारी बयानबाजी पर नाराजगी जताना शुरू कर दिया। सांसदों ने सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी भी की। महिला सांसदों ने बाद में एक पत्र देकर सरकार को कड़े कदम उठाने के लिए सदन की ओर से दिशानिर्देश जारी किए जाने की मांग की।
दोपहर 12 बजे हाउस की कार्यवाई स्थगित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने अपने कक्ष में महिला सांसदों तथा केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को बुलाकर इस मुद्दे पर बातचीत की। दो बजे दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ने सरकार को सेंस ऑफ हाउस से अवगत कराते हुए उचित कार्रवाई करने को कहा।