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गैंग रेप: प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर टूट पड़ी सरकार

Mon, 24 Dec 2012 01:25 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
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चलती बस में गैंगरेप की शिकार युवती को इंसाफ दिलाने उतरे युवाओं पर रविवार को सरकार सख्त और दिल्ली पुलिस बर्बर दिखी। शनिवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद धारा 144 लागू करने का दांव उल्टा पड़ा और भड़के युवा पथराव और तोड़फोड़ पर उतारू हो गए।
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इसके बाद पुलिस ने हजारों की संख्या में जुटे छात्र-छात्राओं पर अंधाधुंध लाठियां भाजीं तो उन्हें तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के ढाई सौ से ज्यादा गोले भी दाग दिए। कड़ाके की सर्दी में युवा पानी की बौछारें भी झेलते रहे। लेकिन देर शाम पुलिस ने लाठी के जोर पर प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर इंडिया गेट खाली करा लिया।

पुलिस ने गृह मंत्रालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच उपद्रवियों के घुस आने से मामला बिगड़ा है। रायसीना हिल्स पर शनिवार के जोरदार प्रदर्शन से सहमी सरकार ने रविवार सुबह ही नई दिल्ली इलाके में धारा 144 लागू कर दी। शनिवार देर रात विजय चौक खाली कराने के बाद राजपथ को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
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साथ ही लोगों को इंडिया गेट पर एकत्र होने से रोकने के लिए सात मेट्रो स्टेशन भी बंद किए गए, लेकिन सरकार और पुलिस की यह कोशिशें नाकाम रहीं। लोग तड़के से ही इंडिया गेट पर जुटने लगे और कुछ देर में ही प्रदर्शनकारियों की बड़ी भीड़ वहां पहुंच गई। पुलिस ने वहां जुटे प्रदर्शनकारियों को जबरन दो बसों में बिठाया।

लेकिन छात्र-छात्राओं ने पहियों की हवा निकाल दी और बस के नीचे लेट गए। मालूम हो कि पुलिस ने शनिवार आधी रात के बाद भी प्रदर्शनकारियों को जबरन बसों में बिठाकर बवाना और यूपी बॉर्डर ले जाकर छोड़ दिया था।
रविवार को हालात दोपहर बाद तब बेकाबू हो गए जब प्रदर्शनकारियों की विजय चौक की तरफ जाने की कोशिश को नाकाम करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इससे प्रदर्शनकारी भड़क उठे।

एक तरफ से लाठी भांजती पुलिस प्रदर्शनकारियों को दौड़ाती रही तो दूसरी तरफ से प्रदर्शनकारी पत्थरबाजी करते हुए पुलिस पर हल्ला बोलते रहे। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की और बैरीकेडिंग को आग के हवाले कर दिया। पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें शाम तक चलती रहीं, जिसमें 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को चोटें आई हैं। कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। एक कांस्टेबल सुभाष तोमर की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस ने बल प्रयोग कर शाम छह बजे इंडिया गेट, जंतर मंतर और राजपथ के इलाके से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। लेकिन वह अपनी मांगों पर कायम दिखे। पुलिसिया कार्रवाई की चपेट में कई मीडियाकर्मी भी आ गए। इस दौरान कई कैमरे तोडे़ जाने और मीडियाकर्मियों को पीटे जाने की भी घटनाएं हुईं।

उपद्रवियों के घुस आने से बिगड़ा मामला
दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच उपद्रवियों के घुस आने से यह पूरा मामला बिगड़ा है, जिसके चलते उसे बल प्रयोग करना पड़ा। दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त (लॉ एंड आर्डर) धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि आंदोलन को अराजक तत्वों ने हाईजैक कर लिया है। फुटेज खंगाली जा रही हैं। हमने नोटिस किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कोई पत्थर नहीं फेंकता, सरकारी संपत्ति जलाने के साथ वाहनों में तोड़फोड़ नहीं करता।

पुलिस कमिश्नर से खफा शीला दीक्षित
प्रदर्शनकारियों से निपटने के दिल्ली पुलिस के तौर तरीकों पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने नाराजगी जाहिर की है। अपनी पूरी कैबिनेट के साथ रविवार को गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से मिलने पहुंचीं शीला दीक्षित ने लाठीचार्ज की घटना के लिए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को कठघरे में खड़ा किया। वहीं, मुख्यमंत्री के पुत्र और कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने स्थिति से निपटने में नाकाम रहने के लिए सीधे दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार से इस्तीफे की मांग कर दी है।
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