सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप मामले के आरोपियों के ट्रायल को अन्यत्र स्थानांतरित करने की दलील को खारिज कर दिया।
हालांकि कथित तौर पर तिहाड़ में हो रहे उत्पीड़न के चलते जेल स्थानांतरण की गुजारिश पर सुनवाई करने पर सहमति जता दी है।
चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर ने कहा कि हम दिल्ली की जेल से अन्यत्र स्थानांतरण की सीमित मांग पर सुनवाई करेंगे। इसी पर अदालत दिल्ली सरकार और जेल प्रशासन से जवाब तलब कर रही है।
यह आदेश पीठ ने आरोपी मुकेश की उस दलील पर जारी किया जिसमें उसने कहा है कि जेल में उसका उत्पीड़न किया जा रहा है और इस मामले में दिल्ली में उचित ट्रायल होना संभव नहीं है।
हालांकि अदालत ने अपने आदेश में यह साफ कर दिया कि वह आवेदन के सिर्फ उस हिस्से पर नोटिस जारी कर रही है जिसमें जेल स्थानांतरण की मांग की गई है।
मुकेश पर हत्या करने, गैंगरेप और अप्राकृतिक अपराध करने का आरोप है। उसने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।
आरोपी की ओर से यह आवेदन अधिवक्ता एमएल शर्मा ने दायर किया। इस मामले में एक जुवेनाइल सहित पांच आरोपी हैं।
चार आरोपियों में मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर हैं, जिन पर हत्या, गैंगरेप, डकैती, अपहरण, साक्ष्यों को नष्ट करने, षड्यंत्र रचने और अप्राकृतिक अपराध के तहत मामला दर्ज किया गया था। एक आरोपी रामसिंह ने जेल में आत्महत्या कर ली थी।
गौरतलब है कि सभी आरोपियों पर 23 साल की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने बाद उसे और उसके पुरुष मित्र को चलती बस से फेंकने का आरोप है। लड़की की मौत गत वर्ष 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी।