वसंत विहार गैंग रेप में इस्तेमाल हुई बस के मालिक को तीस हजारी कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी दिनेश यादव को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट छवि कपूर की अदालत में पेश कर पांच दिन की रिमांड मांगी थी।
पुलिस ने रिमांड मांगते हुए तर्क दिया कि उससे कई दस्तावेज बरामद करने हैं और एक दलाल की गिरफ्तारी की जानी है। पुलिस ने कहा कि यादव ने कमालपुरा बुराड़ी का फर्जी पता देकर ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक खाता खुलवाया था। ये दस्तावेज उसने बस का परमिट लेने के शपथ पत्र के साथ परिवहन विभाग में दिए थे।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने एक दलाल के जरिए डीएल हासिल किया था। इसके बाद उसने बैंक में खाता खुलवाया और परिवहन विभाग से कई बसों का परमिट हासिल किया।
मामले की जांच के दौरान पता चला कि 11/11 गली नंबर 12, कमालपुरा के पते पर दिनेश कभी नहीं रहा। इस मकान के मालिक ने कहा कि उसने कभी पते का इस्तेमाल करने की इजाजत यादव को नहीं दी थी।
अदालत में पुलिस ने कहा कि यादव कभी दिल्ली में नहीं रहा, लेकिन उसने दिल्ली के दस्तावेज बनवाकर बस परमिट हासिल किए। उसने इन्हीं दस्तावेज के आधार पर कई बस भी बैंकों से फाइनेंस करवाईं। पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों व परमिटों की मूल प्रति उसके नोएडा में कई ठिकानों से बरामद करनी है।