दिल्ली गैंगरेप मामले में अभियुक्त विनय शर्मा और पवन गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताया है।
इनका दावा है कि वे घटना के समय बस में मौजूद नहीं थे।
दोनों ने आवेदन दाखिल कर तर्क रखा कि वे घटना के समय एक संगीत समारोह में थे और उनके मोबाइल से इस तथ्य की पुष्टी होती है।
हालांकि अदालत ने उनके इसे तर्क को अस्वीकार कर दिया।
साकेत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश योगेश खन्ना के समक्ष पेश विनय के अधिवक्ता ए.पी. सिंह ने आवेदन दाखिल कर दावा किया कि 16 दिसंबर 2012 की रात्रि वे उस बस में नहीं थे जिसमें युवती से छह लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि विनय अपने दोस्त पवन के साथ उस समय एक संगीत समारोह में था। उन्होंने कहा कि विनय के मोबाइल फोन से इस तथ्य की पुष्टी होती है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन से छेड़छाड़ का आरोप भी नहीं लगाया जा सकता क्योंकि उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी के समय से ही मोबाइल पुलिस के कब्जे में है।
उक्त विडियो क्लिप को देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया है।
उन्होंने अदालत से उक्त विडियो से सीडी बनाने की इजाजत प्रदान करने का आग्रह किया।