सियासत से दूरी बरतने का दावा करने वाले संघ ने दिल्ली के दंगल में भाजपा की नैया पार कराने के लिए कमर कस ली है। सोलह साल से दिल्ली की सत्ता से दूर भगवा दल के सूखे को खत्म करने के लिए संघ के 1 लाख से ज्यादा स्वयंसेवक पार्टी की कामयाबी में बड़ी चुनौती बनते जा रहे अरविंद केजरीवाल की रफ्तार रोकने में जुट गए हैं।
कड़े मुकाबले को देखते हुए संघ ने अपने निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को मैदान पर उतरने के निर्देश दिए हैं। जमीन पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की फौज और भाजपा कार्यकर्ताओं की सुस्ती को देखते हुए खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी संघ से सहयोग मांगा था।
इसके बाद से संघ नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है कि दिल्ली के उसके 1 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता 7 फरवरी को वोटिंग के दिन अधिक से अधिक वोटरों को मतदान केंद्र तक लाकर बाजी भाजपा के हक में करने का प्रयास करेंगे।
भाजपा का यह मानना है कि केजरीवाल के लिए अभी मैदान संभाल रहे अधिकांश कार्यकर्ता बाहरी हैं। इसलिए चुनाव वाले दिन वे संघ के कैडर से ज्यादा असरदार नहीं होंगे। वहीं मतदान के दिन भाजपा की रणनीति को अंजाम देने के लिए संघ ने दिल्ली के अपने सभी कार्यकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हैं।