कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ टिप्पणी पर दिग्विजय सिंह को अभियुक्त बनाए जाने के मामले में अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। गडकरी ने कांग्रेस महासचिव के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
पटियाला हाउस स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुदेश कुमार ने सुनवाई पूरी होने पर कहा कि वे अपना फैसला 2 नवंबर को सुनाएंगे। इससे पूर्व उनके समक्ष मंगलवार को भाजपा के राज्यसभा सदस्य भूपेंद्र यादव के बयान दर्ज किए गए। उन्होंने अदालत को बताया कि समाचार पत्रों के अलावा समाचार चैनलों में उनकी पार्टी के अध्यक्ष गडकरी के खिलाफ कोल ब्लॉक आवंटन में आरोप लगाए जाने से वे आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने गडकरी पर करोड़ों रुपये का फायदा उठाने का आरोप लगाया है।
इतना ही नहीं दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि गडकरी के सांसद अजय संचेती से व्यावसायिक संबंध हैं और कोल ब्लॉक आवंटन मामले में उनको 450 करोड़ रुपये का फायदा मिला। गडकरी ने हाल ही में अपने बयानों में कहा था कि अजय संचेती से उनके प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी तरह के व्यावसायिक संबंध नहीं हैं। यादव ने कहा दिग्विजय सिंह ने गडकरी के खिलाफ बेबुनियाद, झूठा और आपत्तिजनक बयान देकर उनकी मानहानि की है। अत: उनके खिलाफ मानहानि की कार्रवाई शुरू की जाए।