आईआईटी तथा एनआईटी में प्रवेश के लिए जेईई के पैटर्न में पिछले साल हुए परिवर्तन को बरकरार रखा जाए या इसमें बदलाव किया जाए, पर फैसला 18 अगस्त को होगा।
इस मुद्दे पर विचार के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू की अध्यक्षता में ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) की बैठक बुलाई गई है। इसमें हाल ही में संपन्न हुई जेईई परीक्षा को लेकर छात्रों व अभिभावकों की ओर से उठाए गए सवालों पर भी विचार किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार जेईई परीक्षा के साथ पहली बार आईआईटी में प्रवेश के लिए इंटर में स्टेट बोर्ड से 20 पर्सेंटाइल प्राप्तांक की भी शर्त जोड़ी गई थी।
इसी तरह एनआईटी में प्रवेश लेने वाले छात्रों को जेईई मेन परीक्षा के अंक के साथ ही इंटर की परीक्षा के प्राप्तांक को भी 40 प्रतिशत महत्व दिया गया।
इसके लिए देश के विभिन्न इंटरमीडिएट बोर्ड के परिणामों को एक समान महत्व देने के लिए नार्मलाइजेशन के फार्मूले पर भी कई राज्यों के छात्रों एवं उनके अभिभावकों ने आपत्ति जताई थी। कुछ स्थानों पर इस व्यवस्था को त्रुटिपूर्ण बताते हुए छात्रों ने पूरी प्रवेश प्रक्रिया को न्यायालय में चुनौती दी है।
आईआईटी तथा एनआईटी में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अब 18 अगस्त को ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। जेईई एडवांस परीक्षा तथा आईआईटी में प्रवेश की जिम्मेदारी जैब की ही होती है।
इस बैठक में जेईई परीक्षा में किए गए कुछ विवादित संशोधनों को हटाने पर भी फैसला लिया जा सकता है।
दूसरी ओर मंत्रालय के सूत्रों का मानना है कि पल्लम राजू अपने पूर्ववर्ती मंत्री कपिल सिब्बल के फैसलों को पलटने में सीधे कोई दखल नहीं देंगे लेकिन जैब के अफसरों के दबाव देने पर वे इसके लिए राजी भी हो सकते हैं।
उम्मीद है कि सितंबर के पहले हफ्ते में वर्ष 2014-15 के लिए जेईई के पैटर्न की घोषणा कर दी जाए। उसी समय इसमें होने वाले बदलाव का भी ऐलान किया जाएगा।