मध्यप्रदेश में अपनी पांच बच्चियों के हत्यारे मगनलाल बरेला की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। मगनलाल को बृहस्पतिवार सुबह जबलपुर के केंद्रीय जेल में फांसी दी जानी थी।
मुख्य न्यायाधीश पी सदाशिवम ने फैसला सुनाते हुए अगला आदेश आने तक बरेला की फांसी की सजा टाल दी।
बरेला को फांसी देने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। इस बीच पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स के सदस्य बुधवार रात को मुख्य न्यायाधीश के घर गए और इस मामले में अविलंब सुनवाई की मांग की।
संपत्ति विवाद में मारी बेटियां
सीहोर जिला निवासी मदनलाल ने साल 2011 में अपनी पांच बेटियों की हत्या कर दी थी। उसने अपनी दो पत्नीयों के साथ संपत्ति विवाद के चलते एक से छह साल की पांच बच्चियों को मार दिया था।
निचली अदालत ने फरवरी 2011 को मदनलाल को फांसी की सजा सुनाई थी। उसके के खिलाफ ब्लैक वॉरेंट जारी किया गया था।
मध्यप्रदेश हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में फांसी की सजा बरकरार रहने के बाद मदनलाल ने राष्ट्रपति के पास दया याचिक दायर की थी। 22 जुलाई, 2013 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मदलाल की दया याचिका खारिज कर दी थी।