हिन्दी के जाने माने कवि कवि वीरेन डंगवाल का सोमवार तड़के निधन हो गया। वे पिछले सप्ताह से बरेली के आरएमएस अस्पताल में भर्ती थे जहां आज सुबह 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वीरेन डंगवाल 68 वर्ष के थे।
साहित्यिक जगत में वे वीरेन दा के नाम से मशहूर थे। वीरेन दा की रुचि कविताओं के साथ-साथ कहानियों में भी रही। वे अमर उजाला के पूर्व संपादक थे।
उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल में जन्में वीरेन दा ने पाब्लो नेरुदा, बर्तोल्त ब्रेख्त, वास्को पोपा, मीरोस्लाव होलुब, तदेऊश रोजविच और नाजिम हिकमत की दुर्लभ कविताओं के अनुवाद भी किए हैं।