महाराष्ट्र के पुणे में नौ लोगों की बेरहमी से कुचलकर हत्या करने वाले बस चालक को सत्र अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को जघन्यतम करार दिया है।
महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम के बस ड्राइवर संतोष माने (35) पिछले साल 25 जनवरी को स्वारगेट डिपो से बस अगवा कर ले भागा था। रास्ते में उसने कई लोगों और वाहनों को कुचल दिया था।
45 मिनट बाद ही माने को लोगों की मदद से काबू में किया जा सका। हादसे में नौ लोग मारे गए थे जबकि 37 लोग जख्मी हो गए थे।
अतिरक्ति सत्र न्यायाधीश वीके शेवाले ने सोमवार को माने की दलीलों को खारिज कर कहा कि उसने यह अपराध पूरे होशोहवास में किया है। माने ने अपने बचाव में दलील दी थी कि उसने यह अपराध पागलपन की स्थिति में किया था।
अदालत ने कहा, ‘आरोपी ने जानबूझकर बस को खतरनाक तरीके से इधर-उधर घुमाते हुए नौ लोगों की कुचलकर हत्या कर दी। वह जानता था कि ऐसा करने से लोग मारे जाएंगे और घायल होंगे। उसका उद्देश्य बस से किसी इमारत को निशाना बनाने का नहीं, बल्कि लोगों को मारने का था।’
जज ने इस मामले में फैसला तीन अप्रैल को ही सुरक्षित रख लिया था। माने के परिजनों और मनोचिकित्सक ने दावा किया था कि वह मानसिक रूप से बीमार है।
मगर जज ने इनकी दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने झूठे साक्ष्य पेश करने के लिए बचाव पक्ष के गवाहों और मनोचिकित्सक को भी आडे़ हाथों लिया।