आखिरकार पाकिस्तान का एक और सालों पुराना झूठ खुलकर सामने आ ही गया।
पहली बार पाकिस्तान ने भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम की अपनी सरजमीं पर मौजूदगी की बात कबूल कर ली है। अब तक इस्लामाबाद अंडरवर्ल्ड डॉन के अपने यहां होने से साफ इंकार करता रहा है।
इस बात का खुलासा और किसी ने नहीं बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विशेष दूत शहरयार खान ने किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उसे पाक से खदेड़ा जा चुका है और वह अब यूएई में हो सकता है।
पाकिस्तान की सत्ता में आने पर शरीफ ने शहरयार खान को भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए नियुक्त किया है।
खान ने कहा, 'दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में था लेकिन मेरा मानना है कि उसे यहां से खदेड़ा जा चुका है। यदि वह पाकिस्तान में है, तो उसे खोजकर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हम अपनी सरजमीं से ऐसे किसी भी गैंगस्टर को अपनी गतिविधि चलाने नहीं दे सकते हैं।'
साथ ही पूर्व राजनयिक ने जोर देकर कहा कि यदि आतंकी उनके देश में होता तो उसे गिरफ्तार किया जा चुका होता। खान भारतीय पत्रकार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
भारत-पाक शांति में क्रिकेट की अहम भूमिका
पाक के पूर्व विदेश सचिव शहरयार खान का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों को फिर से शुरू करना दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच शांति प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकता है।
क्रिकेट को लेकर दोनों देशों में एक अलग तरह का जुनून है। ऐसे में एक सीरीज दोनों के लिए काफी अहमियत रखती है।
उन्होंने कहा कि आईसीसी ने भी भारत और पाक की सीरीज को एशेज से भी अधिक महत्वपूर्ण बताया है। अगर दोनों देशों के बीच क्रिकेट श्रृंखला फिर से होती है तो यह शांति प्रक्रिया में बहुत ही अहम कारक साबित होगा।
कौन है दाऊद इब्राहिम
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों के अलावा देश में कई आतंकी और आपराधिक मामलों में मोस्ट वांटेड है। रिपोर्टों के अनुसार, 1993 के मुंबई धमाकों के बाद वह फरार होकर पाकिस्तान चला गया था और कराची से वह अपना साम्राज्य चला रहा था।
हाल ही में सामने आए आईपीएल-6 स्पॉट फिक्सिंग मामले में भी दाऊद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। 2003 में अमेरिकी सरकार ने उसे विदेशी आतंकवादी करार दिया था।
भारत सरकार कई बार पाकिस्तान को दाऊद के उसकी सरजमीं पर होने संबंधी विस्तृत जानकारी सौंप चुका है लेकिन हर बार इस्लामाबाद उसके अपने यहां होने से इंकार करता रहा है।