आतंकी हेडली के जरिए इशरत जहां को लश्कर का हमलावर करार दिए जाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर सियासी हमले तेज कर दिए हैं। पार्टी को लग रहा है कि इशरत जहां का मामला हो या जेएनयू विश्वविद्यालय में राष्ट्र विरोधी नारे का, लंबे अरसे बाद भाजपा को उसके फायदे के मुद्दे हाथ लगे हैं जिनके सहारे वह विपक्ष खासतौर से कांग्रेस को बैकफूट पर धकेल सकती है।
इसीलिए पार्टी ने हमले की सिलसिलेवार रणनीति बनाई है। जेएनयू मामले को लेकर हमले की कमान जहां संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के हाथ रही। तो इशरत जहां मामले को लेकर सरकार के शीर्ष मंत्रियों ने कांग्रेस और वाम दलों पर प्रहार करते हुए उनसे माफी की मांग की है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इशरत जहां मामले में पीएम मोदी को बेवजह लपेटे जाने के मामले को लेकर कांग्रेस और वाम दलों से माफी की मांग की है। तो निर्मला सीतारमन ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने और गुजरात की तत्कालीन सरकार के खिलाफ राजनीतिक षड़यंत्र रचने का आरोप लगाया है।