शादी समारोह में डांस, डीजे और शराब पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद इसका पालन न करने वाले मुस्लिमों के खिलाफ उलेमा ने कड़ा रुख अपना लिया हैं।
रविवार को एक शादी में ढोल बजने और डांस होने पर उलेमा ने निकाह पढ़ाने से इंकार कर दिया। बाद में दूल्हे के परिजनों द्वारा गलती मानने पर देर रात 11 बजे निकाह पढ़ाया गया।
आठ नवंबर को मोहल्ला कस्साबन स्थित मस्जिद कुरैशियान में हुई बैठक में उलेमा ने शादी में डीजे, ढोल आदि बजाने, शराब पीने और पिलाने वालों के यहां निकाह नहीं पढ़ाने का ऐलान किया था। अन्य समारोहों में भी इन सब पर पाबंदी लगाई गई थी।
इसकी सूचना देने के लिए हर मस्जिद क्षेत्र में दस लोगों की कमेटी भी बनाई गई थी। क्षेत्र के एक मोहल्ले के युवक की शादी रविवार को मोहल्ले की ही युवती से थी। शादी मोहल्ले से थोड़ी दूर एक बैंक्वेट हॉल में रखी गई थी।