नई भू अधिग्रहण नीति से मुआवजे की मांग को लेकर 14 माह से धरने पर बैठे एक दलित किसान की बुधवार को मौत हो गई। इस किसान के पास मात्र दो बीघा जमीन थी और उसका भी अधिग्रहण हो गया था। अब आस थी कि मुआवजा मिले। अब आक्रोशित किसानों ने ऐलान किया कि यह लड़ाई किसी सूरत में बंद नहीं होगी।
नई भू अधिग्रहण नीति से मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर शताब्दीनगर में किसानों का चार जून 2014 से धरना चल रहा है। किसानों ने ऐलान कर रखा है कि जब तक उनकी जमीन वापस नहीं कर दी जाती या नई नीति से मुआवजा नहीं दिया जाता, धरना जारी रहेगा।
भाकियू नेता विजयपाल घोपला, जगमाल, डा. अमरवीर आदि के मुताबिक कंचनपुर घोपला निवासी दलित किसान शोभाराम (70) 14 माह से यहीं धरने पर थे। बुधवार सुबह वह धरना स्थल से शौच के लिए गए और गश खाकर गिर पड़े। उन्हें उठाकर एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया, जहां शोभाराम को मृत घोषित कर दिया गया।
किसानों ने इसकी सूचना उनके परिजनों को दी। इसके बाद शव को घर ले जाया गया। शाम को शोभाराम का अंतिम संस्कार कर दिया गया।