प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के नाम पर ठगी का बड़ा व सनसनीखेज मामला सामने आया है। गिरोह का नेटवर्क पूरे देश में फैला था। वेबसाइट के जरिये लोगों को एमएचआरडी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा जा रहा था। कई महीने से इस मामले की गोपनीय जांच की जा रही थी।
तफ्तीश के बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में 1 जून को एफआईआर दर्ज की गई। शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रधानमंत्री व स्मृति ईरानी की फोटो का इस्तेमाल कर ठगी करने का ये रैकेट बहुत बड़ा है। करीब 100 से ज्यादा लोग मंत्रालय से शिकायत कर चुके हैं।
मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन, शास्त्री भवन के अंडर सेक्रेटरी अरनब धाकी ने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध शाखा में की थी। इसके बाद तफ्तीश शुरू की गई। तफ्तीश में ये बात सामने आई कि किसी ने मंत्रालय की बोर्ड ऑफ ऑक्यूपेशनल सॉफ्ट स्किल एंड टेकिभनकल ट्रेनिंग वेबसाइट बना रखी थी।
वेबसाइट में लोगों को एमएचआरडी में नौकरी का झांसा दिया गया और लोगों से मोटी रकम जमा करवा ली गई। मंत्रालय को मेल भेजकर एक पीड़ित ने बताया कि उससे 32 हजार रुपये ठग लिए गए।