सहारनपुर में हालात में तेजी से सामान्य हो रहे हैं। शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू में ढील दी गई है। जिला प्रशासन ने बताया है कि रोजमर्रा की खरीदारी के लिए कर्फ्यू में चार घंटे के लिए ढील दी गई।
प्रशासन ने शहर को दो हिस्सों में बांट दिया है। नए शहर में सुबह 10.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक कर्फ्यू में ढील रहेगी। पुराने शहर में दोपहर 3.00 बजे से शाम 7.00 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी जाएगी।
सहारनपुर में शनिवार को दो पक्षों के बीच हुई झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 35 से अधिक घायल हो गए थे। मामले में अब तक 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उपद्रवी तत्वों पर पैनी नजर
कर्फ्यू में ढील के बाद नए शहर के इलाकों में लोग घरों के बाहर आ रहे है। बाजार में चहलपहल दिखाई दे रही है। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ ही लोग ईद की खरीदारी करते दिखाई दे रहे हैं।
जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने बताया कि लोगों को जरूरत की चीजें खरीदने के लिए कर्फ्यू में छूट दी गई है। हालांकि छूट वाले इलाकों में भी सुरक्षा के सख्त इंतजामात हैं। उपद्रवी तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
अफवाहों पर नियंत्रण की कोशिश
प्रशासन अफवाहों पर नियंत्रण रखने की लगातार कोशिश कर रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि रविवार की रात कई लोगों ने प्रशासन से संपर्क किया। उन्हे सही जानकारी देने का प्रयास किया गया।
संध्या तिवारी ने बताया कि अब तक रिपोर्ट की गईं 96 प्रतिशत घटनाएं अफवाह हैं और लोगों को वास्तविकता की जानकारी दी जा रही है।
गौरतलब है कि अफवाहों के कारण रविवार को शहर में तनाव और दहशत का माहौल बना रहा। प्रशासन ने कर्फ्यू और दंगाइयों को देखते हुए गोली मारने का आदेश दिया है, इसके बाद भी कई इलाकों में आगजनी और पथराव की वारदातें हुईं।
38 लोगों को गिरफ्तार किया गया
रविवार को भी दंगाइयों ने कई इलाकों में पुलिस टीमों पर पथराव किया और गली-मोहल्लों में स्थित दुकानों में आगजनी की। पुलिस ने विभिन्न थानों में दंगाइयों के खिलाफ कुल नौ मामले दर्ज किए हैं। अब तक 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
दंगे में गंभीर रूप से घायलों की संख्या 35 हो गई है। इसके अलावा झड़पों में भी 50 से ज्यादा लोगों को चोटें आई हैं।
तेज हो गई राजनीतिक बयानबाजी भी
सहारनपुर मामले में राजनीतिक बयानबाजियां भी तेज हो गई हैं। भाजपा ने समाजवादी पार्टी पर वोटबैंक की पॉलिटिक्स करने के आरोप लगाया है। कांग्रेस समाजवादी पार्टी की विफलता पर जमकर बरसी है।
उत्तर प्रदेश सरकार में काबीना मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि सहारनपुर मामले को विपक्षी दलों ने राजनीतिक रंग देने की कोशिश की तो उनसे कड़ाई से निपटा जाएगा।
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने जवाब में कहा है कि अखिलेश यादव सरकार चलाने में बुरी तरह विफल रहे हैं। हर बात के लिए बीजेपी पर आरोप लगाने की उनकी आदत हो गई है।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस पीएसी और अर्धसैनिक बल
सहारनपुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों के सशस्त्र जवान सुरक्षा की कमान संभाले हैं।
आईक्यू (रिमोट चलित टोही यंत्र) के जरिए आसमान से भी निगरानी की जा रही है। यह पहला मौका है, जब दंगे में आईक्यू का इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी तक इस जहाजनुमा यंत्र का इस्तेमाल सेना और पिछले साल केदारनाथ में आई त्रासदी के दौरान जंगलों में फंसे तीर्थयात्रियों की टोह लेने में किया गया था।
इस यंत्र में अत्याधुनिक कैमरा लगा है और इसका पूरा कंट्रोल आपरेटर के हाथ में रहता है। यंत्र के आसमान में उड़ने के साथ ही स्क्रीन पर आसपास के क्षेत्र की वीडियो फुटेज आ जाती है।