श्रीनगर में बुधवार को हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। हालात खराब होने की आशंका के चलते कर्फ्यू लगा दिया गया है।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड आदि सार्वजनिक स्थानों पर खासतौर से नजर रखी जा रही है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की जानकारियां जुटाने में लग गई हैं।
संसद में हंगामा
आतंकी हमले को लेकर गुरुवार को संसद में जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि सीआरपीएफ जवानों पर हमला कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुषमा ने जम्मू-कश्मीर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (AFSPA) हटाने की मांग करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आखिर ऐसी मांग क्यों उठ रही है।
आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को सदन द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद सुषमा स्वराज ने सरकार से प्रश्न किया कि क्या हम सिर्फ श्रद्धांजलि देते रहेंगे? क्या श्रद्धांजलि देने भर से सदन के कर्तव्य की पूर्ति हो जाती है?
श्रद्धांजलि के वक्त सत्ता पक्ष के नेता सदन में मौजूद नहीं थे। इसपर आपत्ति जताते हुए सुषमा ने कहा कि श्रद्धांजलि के वक्त गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे सदन में मौजूद क्यों नहीं थे? हंगामा बढ़ता देख लोकसभा अध्यक्ष ने दोपहर 12 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया था।
गौरतलब है कि सीआरपीएफ कैंप पर बुधवार को हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए जबकि पांच जवानों समेत आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए।