अवध क्षेत्र के दो जिलों फैजाबाद व बाराबंकी में बुधवार को प्रतिमा विसर्जन को लेकर तनाव के हालात बन गए। फैजाबाद में उपद्रवियों ने कई दुकानों व वाहनों को आग के हवाले कर दिया। दो गुटों में टकराव के दौरान जमकर पथराव हुआ।
पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े व हवाई फायरिंग की। बाराबंकी में लोगों ने रास्ता रोककर जाम लगा दिया। आखिर में पुलिस ने बलपूर्वक प्रतिमाओं का विसर्जन करा दिया। तनाव के चलते गुरुवार सुबह फैजाबाद कोतवाली क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया।
फैजाबाद में बुधवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान हुए विवाद में चौक घंटाघर में कई दुकानों व वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। काफी देर तक गलियों से विसर्जन जुलूस व पुलिस पर पथराव किया गया। दूसरे पक्ष ने भी पथराव किया। पुलिस ने उपद्रवियों को गलियों में खदेड़ने की कोशिश की। चौक से भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। प्रतिमाओं के वाहन जगह-जगह खड़े होने के चलते जाम की स्थिति बन गई, जिसके चलते विसर्जन रोक दिया गया है।
इसके बाद लोगों ने चौक-चौराहों पर प्रदर्शन किया। शहर के अलावा जिले के रुदौली, पूराकलंदर व शाहगंज क्षेत्र में भी बवाल हुआ। रुदौली में विसर्जन जुलूस पर पथराव, मूर्तियों में तोड़फोड के बाद हुए बवाल में पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ व आगजनी के साथ सीओ रुदौली, चौकी प्रभारी चौक, सिपाहियों समेत अन्य के घायल होने की खबर है। पूराकलंदर थाना क्षेत्र में रोडवेज बस, फायर टेंडर व दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया, तोड़फोड़ की गई।
शहर में विवाद की शुरुआत विसर्जन यात्रा के दौरान चौक, रिकाबगंज मार्ग पर पापुलर गली के पास कथित तौर पर प्रतिमा पर पत्थर गिरने के बाद हुई। विसर्जन यात्रा में शामिल लोग आक्रोशित हुए तो एक पक्ष के लोगों ने आसपास की गलियों में मोर्चा संभाल लिया। आरोप है कि दोनों गुटों की ओर से पथराव किया गया। विसर्जन जुलूस को जहां-तहां रोक दिया गया और उपद्रव के हालात पैदा हो गए। चौक घंटाघर के आसपास स्थित फुटपाथ व पक्की दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। कई वाहनों में आग लगा दी गई।
अग्निशमन विभाग के दो फायर टेंडरों ने मौके पर पहुंच आग पर काबू करने की कोशिश की। पुलिस ने उपद्रवियों को गलियों में खदेड़ने की कोशिश की तो पुलिस पर पथराव किया गया। पथराव में चौकी प्रभारी चौक अखिलेश पांडेय समेत कुछ अन्य को चोटें आई हैं। मंडलायुक्त मधुसूदन रायजादा, डीआईजी पीके मिश्र, जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल, एसएसपी रमित शर्मा समेत मातहत अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। हालात के मद्देनजर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल व पीएसी के जवानों को भी बुला लिया गया। देर रात कई मार्गों को बदलकर कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
उधर भेलसर/रुदौली में बुधवार को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान कोतवाली क्षेत्र के अल्हवाना गांव के पास विसर्जन यात्रा पर हमला किया गया। मामले को लेकर दो समुदायों के लोग आमने-सामने हो गये और पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए दो राउंड हवाई फायरिंग की। विरोध में पुलिस पर पथराव किया गया और वाहनों में तोड़फोड़ हुई। पथराव में सीओ रुदौली अनिल कुमार सिंह सिसौदिया समेत सिपाहियों व अन्य के घायल होने तथा चीता बाइक में आगजनी व कई दुकानों में तोड़फोड़ की खबर है।
20 साल बाद लगा कर्फ्यू
यूपी के सर्वाधिक संवेदनशील जिलों में शामिल फैजाबाद में करीब 20 साल बाद कर्फ्यू लगा है। इससे पहले यहां 6 दिसंबर 1992 की घटना के बाद कर्फ्यू लगा था, जो एक सप्ताह से अधिक चला था। उससे पहले 30 अक्टूबर और दो नवंबर 1990 में अयोध्या में हुए गोलीकांड के दौरान यहां कर्फ्यू लगा था। जुलाई 1989 में शिलान्यास के दौरान भी कर्फ्यू लगाना पड़ा था। 21 मार्च 2003 में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के तत्कालीन अध्यक्ष दिवंगत परमहंस रामचंद्र दास के शिलादान कार्यक्रम के दौरान भी कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई थी।
'फैजाबाद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन कंपनी पीएसी भेजी गई थी। इसके बावजूद कुछ छिटपुट घटनाएं होने की सूचना पर इलाहाबाद से एक कंपनी रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स (आरआरएफ) और पीएसी की दो प्लांटून भेजी गई हैं। बाराबंकी में स्थिति नियंत्रित है, वहां एक कंपनी पीएसी व दो प्लाटून पीएसी भेजी गई थी।'
- बीपी सिंह, आईजी, कानून व्यवस्था
'बाराबंकी में स्थिति सामान्य है। फैजाबाद में निकटवर्ती जिलों से सुरक्षा बल भेजा गया है, रुदौली और भदरसा में मूर्ति विजर्सन की समस्या थी, समाधान हो गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।'
- आरएम श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, गृह