देश में विकसित मध्यम दूरी की सब सोनिक क्रूज मिसाइल ‘निर्भय’ का ओडिशा के बालासोर स्थित चांदीपुर रेंज में मंगलवार को पहला परीक्षण पूरी तरह सफल नहीं रहा।
परीक्षण के दौरान मिसाइल अपने रास्ते से भटक गई जिसके कारण इसे बीच में ही नष्ट करना पड़ा। हालांकि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने दावा किया कि मिसाइल ने परीक्षण के मूल मकसद को पूरा कर लिया।
डीआरडीओ के प्रवक्ता ने कहा कि लगभग आधे रास्ते तक मिसाइल सही गई, लेकिन उसके बाद वह रास्ते से भटक गई, जिसके बाद उसे नष्ट करना पड़ा।
‘निर्भय’ को डीआरडीओ की बंगलूरू स्थित ‘एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट शाखा द्वारा विकसित किया गया है। इस मिसाइल को पानी, हवा और थल तीनों जगहों से दागा जा सकता है।
डीआरडीओ ने कहा है कि परीक्षण के नतीजों से मिसाइल में सुधार किया जाएगा।
निशाने के इर्द-गिर्द मंडराने की खासियत
निर्भय निशाने के इर्द गिर्द मंडराकर सही समय पर निशाना साधने की भी क्षमता रखती है। दागे जाने के थोड़ी देर बाद ही यह अपने पंख खोल लेती है और एक विमान की तरह उड़ने लगती है। कंट्रोल रूम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यह रडार प्रणाली को चकमा देने में भी सक्षम है।
स्वदेशी सब-सोनिक क्रूज मिसाइल
भारत के पास रूस के सहयोग से बनी ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइलों की तकनीक है लेकिन निर्भय पूरी तरह स्वदेशी मिसाइल है। यह सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल से आगे की पीढ़ी की मिसाइल होगी। ब्रह्मोस की मारक क्षमता केवल 290 किलोमीटर तक है।
1500 किमी मारक क्षमता
1500 किमी मारक क्षमता वाली निर्भय को अगर सीमा के नजदीक से लांच किया जाए तो पाकिस्तान का ज्यादातर हिस्सा इसकी जद में होगा। वहीं, भारत-चीन सीमा से इसे लांच करने पर चीन का भी अहम हिस्सा निर्भय की जद में आ जाएगा। यह मिसाइल तीनों सेनाओं के काम आएगी।
टॉमहॉक जैसी है निर्भय
निर्भय मिसाइल, अमेरिकी मिसाइल टॉमहॉक जैसी है। टॉमहॉक भी किसी हवाई जहाज की तरह उड़ान भर सकती है तथा 2500 किलोमीटर दूरी कर मार करने में सक्षम है।
एक नजर में निर्भय मिसाइल
टाइप- लांग रेंज ऑल वेदर सब-सोनिक क्रूज मिसाइल
रेंज- 1500 किमी
वजन- 1000 किग्रा
हथियार क्षमता- 250-500 किग्रा
इंजन- टर्बोफैन
गाइडेंस सिस्टम- रिंग लेजर गायरो व जीपीएस
प्लेटफॉर्म
जल- अरिहंत बैलेस्टिक क्लास सबमरीन
थल- रेल मोबाइल लांचर
वायु- सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट