ताजमहल की खूबसूरती पर संभावित खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज कुरियन जोसेफ ने भारत के प्रधान न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट को दखल देने के लिए कहा है। जस्टिस कुरियन ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि 17वीं शताब्दी की इस ऐतिहासिक धरोहर की सुंदरता पर कोई आंच न आए।
भारत के प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू को पत्र लिखकर जस्टिस कुरियन ने कहा है कि पास स्थित श्मशान घाट से निकलने वाला धुआं ताजमहल पर असर डाल रहा है। इससे ताजमहल की खूबसूरती प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में तत्काल दखल देना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस विश्व धरोहर पर प्रदूषण का असर न पड़े।
जस्टिस कुरियन के इस पत्र पर न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर के अध्यक्षता वाली विशेष पीठ सोमवार को गौर करेगी। यह पीठ ताज ट्रेपेजियम जोन पर हरित पट्टी कायम रखने को लेकर दाखिल एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। करीब 30 वर्ष पूर्व पर्यावरणविद् एमसी मेहता द्वारा दाखिल इस याचिका पर अब तक अदालत कई निर्देश जारी कर चुकी है।