राजस्थान के जैसलमेर में अब जातियों के आधार पर शवों का दाह संस्कार हो या ना हो इसका फैसला वहां की सरकार करेगी।
पश्चिमी राजस्थान में अब अलग-अलग जातियों का स्थान तय हो जाएगा कि संबंधित जाति के व्यक्ति के मरने के बाद उसका दाह संस्कार कहा हो।
इसके लिए वहां की सरकार 47 अलग-अलग जातियों के अंतिम संस्कार के 47 अलग दाह संस्कार स्थल बनाने की तैयारी में है।
अरबन इंप्रूवमेंट बोर्ड 5 करोड़ रुपए की लागत से 47 दाह संस्कार स्थल को तैयार करने के प्रस्ताव पर 10 जुलाई को चर्चा कर चुका है।
सरकार जल्द ही 47 अलग दाह संस्कार स्थल के निर्माण को मंजूरी दे सकती है।
जिन जातियों के अलग से दाह संस्कार स्थल बनाने की बात सामने आई है।
उनमें नाई, दर्जी, कुम्हार, पुस्कारन, माहेश्वरी, सोनी समेत अन्य कई जातियों को शामिल किया गया है।
अरबन इंप्रूवमेंट बोर्ड शहरी विकास और आवास मंत्रालय के तहत काम करता है।
दाह संस्कार स्थल को बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
अरबन इंप्रूवमेंट बोर्ड के अध्यक्ष उमेद सिंह तंवर के मुताबिक लोग एक ही श्मशान घाट पर शवों को पंचतत्व में विलीन नहीं करना चाहते हैं।
इसमें लोगों की जाति आड़े आ रही है। लोगों में आपसी टकराव न हो, इसको देखकर ही यह फैसला किया गया है।