एक ओर जहां राजनीतिक दल सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे में आने से बचने के प्रयास कर रहे हैं, वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने आरटीआई के तहत पूछे गए सवालों का जवाब देना शुरू कर दिया है। इस तरह भाकपा आरटीआई का जवाब देने वाली देश की पहली पार्टी बन गई है।
आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल ने बताया है कि भाकपा ने आरटीआई के तहत पूछे गए सवालों का जवाब दिया है।
अग्रवाल के अनुसार, भाकपा महासचिव सुधाकर रेड्डी ने आरटीआई पत्र के जवाब में लिखा है कि जहां तक हमारी समझ हैं हम आरटीआई कानून के दायरे में नहीं आते हैं। इसके बावजूद हम आपके सवालों का जवाब दे रहे हैं।
भाकपा महासचिव ने पार्टी फंड के बारे में पूछे गए प्रश्नों के जवाब में कहा है कि पार्टी को मिलने वाले फंड या अन्य प्रकार के स्रोतों की जानकारी निर्वाचन आयोग और आयकर अधिकारियों को नियमित अंतराल पर दी जाती है।