गैर यूपीए-गैर एनडीए दलों के जमघट में धर्मनिरपेक्षता का चैंपियन बनने की कोशिश में जुटे सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को भाकपा के वरिष्ठ नेता एबी बर्धन की खरी-खरी सुननी पड़ गई।
बर्धन ने मुजफ्फरनगर दंगा मामले में प्रभावित लोगों के पुनर्वास का सवाल उठाकर मुलायम की दुखती रग पर हाथ रख दिया।
इतना ही नहीं वरिष्ठ भाकपा नेता ने यह कह कर भी मुलायम को झटका दिया कि महज इस सम्मेलन में उपस्थित दल ही धर्मनिरपेक्ष होने का दावा नहीं कर सकते।
मायावती की ओर संकेत
उनका साफ इशारा मुलायम की धुर प्रतिद्वंद्वी बसपा प्रमुख मायावती की ओर था। बर्धन से पहले अपने भाषण में मुलायम ने बार-बार उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिकता के खिलाफ अकेले लड़ाई लड़ने का दावा करते रहे थे।
हालांकि इस दौरान मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए मुलायम ने यह कह कर अपना बचाव किया कि इस मामले में सांप्रदायिक ताकतों की साजिश कामयाब हो गई।
धर्मनिरपेक्षता विरोधी सम्मेलन के दौरान मुलायम शुरू से ही धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ लड़ाई का सारा श्रेय लेते दिखे। उन्होंने दावा किया कि 1987 के बाद अकेले वही राज्य में सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ लोहा लेते रहे।
84 कोसी परिक्रमा का जिक्र
इस दौरान मुलायम ने बाबरी मस्जिद को बचाने के साथ-साथ हाल ही में विहिप को 84 कोसी परिक्रमा न करने देने जैसे फैसले का जिक्र किया।
मगर उनके बाद बोलने आए बर्धन ने मुजफ्फरनगर हिंसा में प्रभावित लोगों के पुनर्वास का सवाल उठा कर सपा प्रमुख की दुखती रग पर हाथ रख दिया।
बर्धन ने कहा कि राहत शिविरों में रहने वालों को हर हाल में उनके घरों में पूरी सुरक्षा के साथ भेजा जाना चाहिए। उन्होंने बसपा की ओर इशारा करते हुए यह भी कहा कि इस सम्मेलन में न आने वाले कई और दल भी धर्मनिरपेक्ष हैं। बर्धन की खरी खरी के दौरान मुलायम चुपचाप उनकी बात सुनते रहे।
घर बनाने के लिए अलग मुआवजा
उल्लेखनीय है कि सपा सरकार ने घर वापस जाने के लिए तैयार नहीं होने वाले दंगा पीड़ितों को घर बनाने के लिए अलग से मुआवजा और जमीन देने की घोषणा की है।
इसके अलावा वाम दलों से जुड़े एक संगठन अनहद ने बीते दिनों राहत शिविरों का दौरा कर पीड़ितों को दंगाईयों द्वारा एफआईआर वापस लेने के लिए धमकियां देने का आरोप लगाया था।
इस संगठन ने सपा सरकार की तुलना गुजरात सरकार से करते हुए आरोप लगाया था कि राज्य सरकार बिना सुरक्षा उपलब्ध कराए पीड़ितों को वापस उनके घरों में भेजना चाहती है। माना जा रहा है कि बर्धन ने इसी रिपोर्ट के हवाले मुलायम को खरी खरी सुनाई।