मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन दाखिल कर किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना अब आसान नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा-156(3) के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन दाखिल करते वक्त उस व्यक्ति को अब हलफनामा भी दाखिल करना होगा।
अगर उसकी शिकायत झूठी पाई गई तो उसकेखिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस प्रावधान का दुरुपयोग हो रहा है। शीर्ष अदालत ने इस अहम फैसले में कहा कि इस तरह के आवेदन से निपटने के लिए मजिस्ट्रेट को चौकन्ना रहना चाहिए।
मजिस्ट्रेट को सच्चाई का परखने की जरूरत है और साथ ही आरोपों की सत्यता की जांच करनी चाहिए। इसकेबाद ही कोई निर्देश जारी करना चाहिए। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति प्रफुल्ल सी पंत की पीठ ने कहा कि धारा-156(3) के तहत आवेदन दाखिल करना रूटीन सा बन गया है और वह भी बिना किसी जवाबदेही के।