साल 2002 में हुए गुजरात दंगे में राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और 58 अन्य को मिली क्लीन चिट को चुनौती देने वाली जाकिया जाफरी की याचिका पर एक अदालत बृहस्पतिवार को फैसला सुनाएगी।
दंगों की जांच करने वाली एसआईटी ने मोदी को क्लीन चिट दी थी। मजिस्ट्रेट बीजे गनात्रा ने इससे पहले कहा था कि वह 28 अक्टूबर को फैसला सुनाएंगे, लेकिन बाद में दो दिसंबर और फिर 26 दिसंबर तक के लिए इसे टाल दिया गया।
इस मामले में सितंबर 2013 में ही बहस पूरी हो गई थी। दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसायटी जनसंहार में 69 लोगों के साथ अपने पति और कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी को खोने वाली जाकिया जाफरी ने दंगों का कथित षड्यंत्र रचने के लिए मोदी और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एसआईटी ने जाफरी के आरोपों की जांच की थी। उसने आठ फरवरी 2012 को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है।