दिल्ली में वसंत विहार गैंगरेप मामले में दोषी ठहराए गए मुकेश, विनय, अक्षय व पवन को फांसी मिलेगी या फिर उम्रकैद। इन चारों के भाग्य का फैसला आज होगा। पूरे देश की निगाह आज अदालत के इस फैसले पर रहेगी।
इस मामले में दोषी एक नाबालिग को बाल अदालत पहले ही तीन वर्ष की सजा सुना चुकी है।
16 दिसंबर 2012 को वसंत विहार क्षेत्र में चलती बस में 23 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप के आरोप में नाबालिग सहित कुल छह आरोपियों को नामजद किया गया था।
एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी, जबकि उसके भाई मुकेश, विनय, पवन व अक्षय को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 सितंबर को दोषी ठहरा दिया था।
सजा पर बहस करते हुए अभियोजन पक्ष ने चारों आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है।
उन्होंने तर्क रखा है कि जिस प्रकार आरोपियों ने पीड़ित छात्रा के साथ रेप किया व उसके बाद रॉड का इस्तेमाल कर उसके शरीर के अंदरूनी अंगों को बाहर निकाल दिया, यह कृत्य अत्यंत जघन्य, बर्बर, क्रूरतापूर्ण, अमानवीय, पाश्विक व नृशंस श्रेणी में आता है।
अभियोजन पक्ष का मानना है कि समाज में ऐसे अपराधियों को संदेश देने के लिए कड़ी से कड़ी यानी अधिकतम सजा दी जानी जरूरी है।
वहीं, दूसरी तरफ बचाव पक्ष ने दोषियों की आयु, उनकी आर्थिक व सामाजिक पृष्ठभूमि इत्यादि का हवाला देते हुए रहम की अपील की है। उनका तर्क है कि उनके मुवक्किलों को सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए।
अब सभी की निगाहें अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी है। शुक्रवार को दोपहर 2.30 बजे सजा-ए-मौत या उम्रकैद का फैसला हो जाएगा।