गुजरात उच्च न्यायालय ने सूरत की 24 साल की बलात्कार पीड़िता की गर्भपात की फ़रियाद को मानने से इनकार कर दिया है। यह बलात्कार पीड़िता 28 हफ़्तों से गर्भवती थीं। इन्होंने गैंग रेप के कारण गर्भ में आए बच्चे का गर्भपात कराने के लिए अदालत में गुहार लगाई थी। पीड़िता को सूरत में उनके घर से अगवा कर लिया गया था और लगातार 6 महीनों तक 7 लोगों ने उनके साथ गैंग रेप किया था।
इससे पहले इन्होंने बोटाड में एक निचली अदालत में गुहार लगाई थी। तब वे 24 हफ़्तों की गर्भवती थीं। उनकी इस अर्जी को 26 मार्च को खारिज कर दिया गया था।
अपने ससुराल और मायके में विरोध के बाद उन्होंने अजन्मे बच्चे को गिराने के लिए अदालत से मंज़ूरी माँगी थी। महिला के पति और ससुराल वालों ने उन्हें और उनके होने वाले बच्चे को स्वीकार करने से मना कर दिया था।