अदालत ने विवाह का झांसा देकर रेप करने के मामले में आरोपी पुनीत कुमार त्रिपाठी को रिहा कर दिया। अदालत ने कहा कि साक्ष्यों से स्पष्ट है कि उसके साथ जबरदस्ती नहीं की गई बल्कि उसकी रजामंदी से शारीरिक संबंध बने थे।
ऐसे में यह मामला रेप का नहीं बनता।
साकेत अदालत स्थित भरत पराशर ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों से भी स्पष्ट है कि आरोपी पुनीत व उसके बीच शारीरिक संबंध विवाह के वायदे पर हुए थे।