सीबीआई की विशेष अदालत ने तुलसीराम प्रजापति और शोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ कांड में भाजपा नेता अमित शाह को एक बार फिर अदालत में हाजिर होने से छूट दे दी है।
सीबीआई अदालत के विशेष जज बी.एच. लोया ने शाह और कुछ अन्य आरोपियों के आवेदन को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 17 जुलाई तक टाल दी। हालांकि मामले में हाजिर होने से छूट के लिए दिए गए शाह के आवेदन पर 14 जुलाई को भी सुनवाई हो सकती है।
शाह के वकील रोबिन मोगेरा ने कहा कि शाह दिल्ली में बेहद अहम राजनीतिक कार्यों में व्यस्त हैं इसलिए वह अदालत में हाजिर नहीं हो सकते।
20 जून की पिछली सुनवाई के दौरान लोया के पूर्ववर्ती जज जे.टी. उत्पट ने शाह के वकील को यह कह कर झिड़का था कि हर बार उनके मुवक्किल बगैर कोई कारण बताए अदालत में हाजिर होने से इनकार कर देते हैं।
उत्पट का 25 जून को पुणे तबादला हो गया था। सीबीआई अदालत ने तुलसीराम प्रजापति और शोहराबुद्दीन शेख मामले में शाह और अन्य आरोपियों के खिलाफ 9 मई को सम्मन जारी किया था।
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में यह मामला गुजरात से मुंबई भेज दिया गया था। इस मामले में सीबीआई की ओर दाखिल किए गए आरोप पत्र में शाह और 18 अन्य लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से कई पुलिस अधिकारी हैं।
सीबीआई के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा से कथित संबंधों के आरोपी शोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी की गुजरात के आतंकवादी रोधी पुलिस दल ने अपहरण कर हत्या कर दी थी।