जिंदल समूह से 100 करोड़ रुपये की उगाही के प्रयास मामले में जी न्यूज के चेयरमैन सुभाष चंद्रा लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए अपने डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। इतना ही नहीं वे टेस्ट के समय अपने वकील को भी साथ रख सकते हैं। अदालत ने उन्हें इसकी इजाजत प्रदान कर दी है।
अदालत ने कहा, डॉक्टरों से विचार करने के बाद वे इस बारे में अपनी रजामंदी या इन्कार का जवाब देने के लिए स्वतंत्र है। वहीं चैनल के दो संपादकों के टेस्ट से इन्कार करने पर अदालत ने पुलिस के उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें इन दोनों का भी लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने के लिए उनकी रजामंदी लेने का आग्रह किया था। हालांकि, दोनों संपादकों की आवाज का सैंपल लेने की इजाजत दे दी गई है।
साकेत स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गौरव राव ने अपने फैसले में कहा कि चंद्रा ने सशर्त टेस्ट करवाने की हामी भरी है। अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की है। इसलिए वे चंद्रा को अपने डॉक्टर से विचार-विमर्श करने की इजाजत देते हैं। पेशी के दौरान चंद्रा काफी घबराए हुए थे। वे बयान के कुछ अंश अपने हाथ पर भी लिखकर लाए थे ताकि किसी तरह की कोई गलती न हो।
हालांकि चंद्रा की बात से सरकारी वकील राजीव मोहन सहमत नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह मात्र पोलीग्राफ टेस्ट है। इसमें किसी तरह की मशीन शरीर में फिट नहीं की जाती। उन्होंने यह भी कहा कि चंद्रा अपनी पसंद के किसी भी डॉक्टर को टेस्ट के समय साथ ले जा सकते हैं लेकिन अदालत ने मोहन की दलील को नहीं माना। वहीं दूसरी ओर बृहस्पतिवार को जी के गिरफ्तार दोनों संपादकों के परिजनों और कंपनी के कर्मचारियों ने जंतर मंतर पर कैंडल मार्च निकाला।
चंद्रा की अग्रिम जमानत पर होगी सुनवाई
जी न्यूज के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की अग्रिम जमानत अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर 14 दिसंबर तक रोक लगा रखी थी। दोनों संपादकों सुधीर चौधरी व समीर अहलूवालिया ने भी जमानत आवेदन दाखिल कर दिए हैं। इन आवेदनों पर भी साथ ही सुनवाई होगी।
चंद्रा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत आवेदन दाखिल किया था। आवेदन पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष यह स्पष्ट नहीं कर पाया था कि उनको हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है या नहीं। इसी तथ्य को आधार बनाते हुए अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें जांच में सहयोग करने का आदेश दिया था।
अपराध शाखा में रोज हाजिरी लगा रहे हैं चंद्रा
सुभाष चंद्रा आठ दिसंबर से रोजाना चाणक्यपुरी स्थित अपराधा शाखा की इंटरस्टेट सेल (आईएससी) कार्यालय में हाजिरी लगा रहे हैं। वह बृहस्पतिवार को भी आईएससी कार्यालय पहुंचे। अपराध शाखा के उपायुक्त एसबीएस त्यागी ने यह जानकारी दी।
हालांकि अब उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया नहीं जा रहा है लेकिन वह अपनी तरफ से यह दिखाना चाहते हैं कि वह पुलिस तफ्तीश में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। इतना ही नहीं वे उपस्थिति का एक पत्र भी देकर जाते हैं। बृहस्पतिवार को वे शाम 4:36 बजे आईएससी कार्यालय पहुंचे। वह शाखा कार्यालय में करीब आधा घंटे रहे और 5:06 बजे चले गए।
‘मैं सुभाष चंद्रा लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हूं। मेरी उम्र 62 वर्ष है और वृद्धा अवस्था संबंधी बीमारियों से ग्रस्त हूं। मैं अपने डॉक्टर से यूएस व लंदन में टेस्ट के संबंध में मिलना चाहता हूं और उनसे टेस्ट की प्रकृति के बारे में जानना चाहता हूं। उनसे राय लेने के बाद ही अपनी रजामंदी के संबंध में जानकारी दूंगा।’- सुभाष चंद्रा, जी न्यूज चेयरमैन