दिल्ली से लखनऊ जाने वाली पूर्वा एक्सप्रेस में बैठे एक युवक और युवती का सफर 12-12-12 से एक दिन पहले ही यादगार बन गया। दोनों ट्रेन में चढ़े तो अजनबी बन कर थे, उनकी मंजिल भी अलग थी लेकिन जब ट्रेन से उतरे तो वह एक दूसरे के जीवनसाथी बन चुके थे। जो सफर चंद घंटों का था वह जीवन भर का बन गया। साथी यात्री ने पंडितजी की भूमिका निभाई तो वहीं अन्य ने उनके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की।
दिल्ली से दोपहर को चलने वाली पूर्वा एक्सप्रेस के कोच में एक युवती और युवक सफर तय करने के लिए चढ़े थे। दोनों अजनबी थे और उनकी मंजिल भी अलग-अलग थी। दिल्ली से अलीगढ़ आते-आते दोनों के बीच की दूरी सिमट चुकी थी। पहले दोस्ती हुई और फिर प्यार। सफर में ही दोनों ने जीवन भर का साथ निभाने की भी ठान ली। ट्रेन में ही शादी का मन बनाया तो रीति रिवाज आड़े आ गए। दोनों यादगार लम्हों को खोना नहीं चाहते थे। बस फिर क्या था साथी यात्रियों को अपने दिल की बात बता दी। यात्री भी दोनों के ट्रेन में ही सात फेरे दिलाने को तैयार हो गए।
कोच में ही एक पंडितजी भी मिल गए। उन्होंने उस कमी को पूरा कर दिया। अलीगढ़ से आते आते पंडितजी ने वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ युवती की मांग भरवा दी। टूंडला आते-आते दोनों एक दूसरे के हो चुके थे। यात्रियों ने उनके वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया।
पुलिस विलेन बन गई
हालांकि इस रिश्ते में कुछ देर के लिए पुलिस विलेन बन गई। टूंडला पर ट्रेन पहुंची तो पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू कर दी। बताते हैं कि युवती ने युवक के साथ जाने की जिद की। वहीं युवक ने कहा कि लखनऊ में रहने वाले उसके परिजन इस रिश्ते को स्वीकार कर लेंगे। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि यह सफर उनके लिए जीवन भर का सफर बन जाएगा।