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'खूबसूरत मौका' ठुकराकर मिसाल बने ये पार्षद

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जहां किसी ना किसी बहाने से हमारे माननीय देश-विदेश में टूर पर जाने के मौके तलाशते रहते हैं, वहीं यूपी के अलीगढ़ में पार्षदों ने एक बड़ी मिसाल पेश की है। अध्ययन के लिए 12 जून को मनाली के लिए स्टडी टूर पर जाने के संबंध में अलीगढ़ नगर निगम के कुछ सभासदों ने टूर पर जाने से इनकार कर दिया है।
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पार्षद बाबा फरीद आजाद ने गुरुवार को नगर निगम पहुंच कर स्टडी टूर पर जाने से इनकार करने का पत्र सौंपा। पत्र में कहा है कि जब नगर निगम के पास हैंडपंप रिबोर कराने तक के पैसे नहीं हैं तो ऐसे में टूर के लिए मनाली जाना उनकी अंतरआत्मा स्वीकार नहीं करती है। वह जनता के साथ खड़ा होना पसंद करेंगे।

इसी तरह नगर निगम कार्यकारिणी बोर्ड के उपसभापति और वरिष्ठ सभासद कुलदीप पांडे ने भी टूर से दूरी बनाई है। कुलदीप पांडे ने कहा है कि एक ऐसे समय जब पूरा शहर पानी और गंदगी से कराह रहा हो तब पहाड़ों की सैर पर जाना जनता के साथ धोखा होगा। इसी तरह पार्षद हामिद अली, गुनीत मित्तल, ममता चौहान आदि सहित करीब एक दर्जन पार्षदों ने टूर का बायकाट कर दिया है।
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इन्होंने भी ठुकराया मनाली का टूर

'मैंने टूर पर नहीं जाने का फैसला किया है। शहर की जनता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। भले ही मैं जनता की समस्याओं को समाधान न करवा पाऊं, लेकिन उनकी तकलीफ में मैं उनके साथ खड़ा हूं। जनता यहां पर तकलीफ सहे और मैं पहाड़ों पर सैर करूं यह नैतिक रूप से उचित नहीं लगा इसलिए टूर पैकेज वापस कर रहा हूं।'
- कुलदीप पांडे, उपसभापति, नगर निगम कार्यकारिणी बोर्ड

'टूर पर जाने से अच्छा है कि हम भुजपुरा की समस्या का समाधान करें। टूर पर खर्च होने वाला धन ऐसी समस्याओं पर खर्च हो। क्या ही अच्छा हो कि इस पैसे से मरने वाले बच्चे के परिवार की मदद की जाती। शहर की जनता जो कि करों के माध्यम से पैसा नगर निगम को देती है, अपेक्षा करती है कि वह पैसा विकास कार्यों पर खर्च हो। इसलिए मैंने और मेरे परिवार ने निर्णय लिया है कि टूर का पैकेज वापस कर दिया जाए।
- बाबा फरीद आजाद, पार्षद'

'रमजान आने वाले हैं। मेरे क्षेत्र में एक पाइप लाइन फटी हुई है। पानी का संकट चल रहा है। ऐसे में मैं यहां पर रहकर काम करवा रहा हूं। पहाड़ों पर जाने से ज्यादा यह काम जरूरी है। टूर जरूरी नहीं है।'
- हामिद अली, पार्षद

'सफाई करने के नए साधनों की ट्रेनिंग की जरूरत तो सबसे ज्यादा सफाई कर्मियों को है। अगर टूर ले जाना है तो उनको ले जाना चाहिए। जिनको सफाई करनी है उनको ट्रेनिंग नहीं दी जा रही और जिनको स्टडी कराई जा रही है उन्हें सफाई नहीं करनी है।'
- बिल्लू चौहान, अध्यक्ष, सफाई कर्मचारी यूनियन

'टूर का मकसद नई व्यवस्थाओं और नए विचारों से पार्षदों को अवगत कराना है। जिससे वह स्थानीय स्तर पर नए क्रियाकलाप लागू करवा सकें। अगर कोई टूर पर नहीं जा रहा है तो हम उसकी भावनाओं का भी सम्मान करते हैं। नगर निगम अपनी ओर से बेहतर से बेहतर व्यवस्था करने का प्रयास कर रहा है। टूर का मकसद भी सीखने और सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।'
- ऋषिकेश सिंह, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम
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