हाईकोर्ट ने राजीव कुमार की नियुक्ति विभाग में प्रमुख सचिव पद पर तैनाती को लेकर प्रदेश सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि जब अधिकारी को सीबीआई कोर्ट से तीन साल की सजा हो चुकी है तो उनकी तैनाती इतने महत्वपूर्ण पद पर क्यों की गई। कोर्ट ने मुख्य सचिव को इस बाबत दो सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही सरकार को इस संबंध में अपनी नीति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी बताने को कहा है कि प्रमुख सचिव नियुक्ति का पद महत्वपूर्ण पदों में आता है या नहीं।
पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी जेएफ रिबेरो और अन्य रिटायर्ड आईएएस, आईपीएस अधिकारियों की ओर से दाखिल जनहित याचिका में राजीव कुमार की तैनाती को चुनौती दी गई है। याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई की।